मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर NSUI का गांधी चौक पर प्रदर्शन, चुनाव आयोग का फूंका पुतला
उमरिया (मध्यप्रदेश)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे को लेकर सोमवार को गांधी चौक में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों पर निर्भर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और विपक्षी नेताओं एवं प्रत्याशियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठ रहे सवालों का जवाब निष्पक्ष तरीके से दिया जाना चाहिए।
मीनाक्षी नटराजन प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा की मांग
NSUI नेताओं ने मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की मांग की। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में स्पष्टता और जवाबदेही लोकतंत्र के हित में जरूरी है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है लड़ाई
मो. असलम शेर ने कहा कि संगठन का यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा वर्ग लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा।
यह भी पढ़ें: मुगलसराय में 13 ग्राम हेरोइन के साथ महिला समेत 3 गिरफ्तार, ऑटो और मोबाइल बरामद