उमरिया में ABVP कार्यक्रम में शिक्षिकाओं की मौजूदगी पर विवाद, NSUI ने जांच की मांग की
उमरिया,(उत्तर प्रदेश)। शासकीय कन्या विद्यालय पाली की कुछ शिक्षिकाओं के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यक्रम में कथित रूप से शामिल होने के आरोपों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में एनएसयूआई पदाधिकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिरसिंहपुर पाली को ज्ञापन सौंपा।
कुछ शिक्षिकाएं छात्र संगठन के कार्यक्रम में सक्रिय रूप से उपस्थित
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष अवधिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर यह मामला सामने आया है। उनका आरोप है कि शासकीय कन्या विद्यालय पाली की कुछ शिक्षिकाएं एक छात्र संगठन के कार्यक्रम में सक्रिय रूप से उपस्थित दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता और गरिमा प्रभावित हो सकती है।
पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है, कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।
शासकीय विद्यालय शिक्षा के केंद्र
हर्ष अवधिया ने कहा, कि शासकीय विद्यालय शिक्षा के केंद्र हैं और वहां कार्यरत शिक्षकों से राजनीतिक निष्पक्षता तथा सेवा आचरण नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव हर्ष अवधिया के साथ दुर्गेश नामदेव, जावेद खान, रवि प्रजापति, फैजान नियाजी, लकी वर्मा सहित एनएसयूआई के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह भी पढ़ेंः क्रिसिल का अनुमान, वित्त वर्ष 2027 में भारत की खुदरा महंगाई 5.1% तक पहुंच सकती है