किताबों में कथित खामियों के खिलाफ ओडिशा बंद, भुवनेश्वर में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
भुवनेश्वर: नवनिर्माण युवा छात्र संगठन (एनएनकेएस) और नवनिर्माण युवा छात्र संगठन (एनवाईसीएस) के सदस्यों ने बुधवार को भुवनेश्वर में राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करके और बारामुंडा बस स्टैंड पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों के विरोध में बुलाए गए 12 घंटे के राज्यव्यापी ओडिशा बंद का हिस्सा था। प्रदर्शनकारी स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों का आरोप लगाते हुए ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ी का आरोप
एएनआई से बात करते हुए, नवनिर्माण युवा छात्र संगठन के राज्य संयोजक एमडी मनवर अली ने कहा, अभी भुवनेश्वर के बारामुंडा में ओडिशा बंद चल रहा है। उस तरफ हंसपाल है, इस तरफ उत्तरा है। इसी के अनुरूप, पूरे ओडिशा में- चाहे पश्चिम ओडिशा हो, पूर्वी ओडिशा हो या दक्षिणी ओडिशा- आप देखेंगे कि हर जगह धरना शुरू हो गया है। बंद के पीछे का कारण बताते हुए अली ने कहा कि संगठन स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों और पाठ्यपुस्तक निर्माण प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
पाठ्यपुस्तकों में हजारों गलतियों का दावा
उन्होंने आरोप लगाया कि कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में 2,000 से अधिक त्रुटियां पाई गई हैं और 380 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा, ओडिशा के जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए हमने आज ओडिशा बंद का आह्वान किया है। हम सभी से इस आह्वान का समर्थन करने का अनुरोध करते हैं। ओडिशा में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के बच्चों की स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में 2,000 से अधिक त्रुटियां हैं और 380 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
अली ने दावा किया कि धरने स्थल पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बावजूद, किसी भी सरकारी प्रतिनिधि ने उनसे बातचीत के लिए संपर्क नहीं किया और न ही उनकी मांग पर कोई कार्रवाई की, जिसके बाद संगठन ने ओडिशा बंद का आह्वान किया। इसलिए आज हमारी मांग है कि ओडिशा के जन शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा। आज हमारे विरोध प्रदर्शन के 42 दिन पूरे हो गए हैं। हमारे संगठन के संस्थापक अक्षय जी 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आज मेरा 18वां दिन है। हम विरोध स्थल (धरना स्थल) पर बैठे रहे, लेकिन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि न तो बात करने आया और न ही उनसे इस्तीफे की मांग की। इसीलिए हमने ओडिशा बंद का आह्वान किया है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उन्होंने लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि यह मुद्दा राज्य के छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है। प्रदर्शनकारियों ने आगे दावा किया कि परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, लेकिन कई छात्रों तक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं और पाठ्यपुस्तकों में छपे राष्ट्रगान में त्रुटियां होने का आरोप लगाया। संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर मंत्री के इस्तीफे की उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।
(इनपुट: ANI)
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