ओम बिरला की BRICS संसदों से अपील, मानवीय निगरानी में नैतिक और पारदर्शी तकनीक को दें बढ़ावा
नई दिल्ली (भारत): लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने BRICS संसदों से मानवीय निगरानी के साथ नैतिक, जिम्मेदार और पारदर्शी तकनीक का समर्थन करने का आग्रह किया। चल रहे 12वें BRICS संसदीय मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, बिरला ने कहा कि दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले BRICS राष्ट्रों की संसदीय संप्रभुता की रक्षा करने और सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ तकनीक का नैतिक रूप से उपयोग करने की सामूहिक जिम्मेदारी है, प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया।
संसद में डिजिटल नवाचारों पर दिया जोर
दिन में पहले, लोकसभा सचिवालय के अनुसार, बिरला ने मंच का उद्घाटन किया। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि बिरला ने विधायी क्षमता, पारदर्शिता, दक्षता और सार्वजनिक पहुंच में सुधार के लिए भारत की संसद द्वारा शुरू किए गए कई डिजिटल नवाचारों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो सांसदों को प्रश्नों और उत्तरों तक ऑनलाइन पहुंच प्रदान करते हैं। इनके माध्यम से सरकारी विभागों से त्वरित प्रतिक्रिया भी मिलती है।
22 भाषाओं में संसदीय कार्यवाही की दिशा में पहल
उन्होंने बहुभाषी पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनके तहत 10 भाषाओं में दैनिक कार्यसूची उपलब्ध कराई जाती है। इसे सभी 22 अनुसूचित भाषाओं तक विस्तारित करने पर काम चल रहा है। इसके साथ ही 22 भाषाओं में एक साथ व्याख्या (सिमल्टेनियस इंटरप्रिटेशन) की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिरला ने स्वतंत्रता से पहले और बाद की संसदीय बहसों के डिजिटलीकरण पर भी प्रकाश डाला। इस डिजिटल संग्रह में मेटाडेटा और वीडियो सर्च जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, शोध पत्रों तक चौबीसों घंटे ऑनलाइन पहुंच और संसद पुस्तकालय से पुस्तकों की होम डिलीवरी की सुविधा का भी उल्लेख किया।
ई-विधान और पेपरलेस शासन को बढ़ावा
लोकसभा सचिवालय ने कहा कि बिरला ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) और 'वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म' के जरिए कागज रहित शासन की पहलों पर भी चर्चा की। ये प्लेटफॉर्म विधानसभाओं को जोड़ते हैं और कार्यवाही, बहस, बजट तथा कानून-निर्माण से जुड़ी जानकारी की लाइव स्ट्रीमिंग संभव बनाते हैं। बिरला ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) पर प्रकाश डाला, जो नागरिकों को सशक्त बनाता है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है और भ्रष्टाचार कम करने के लिए सीधे बैंक खातों में पारदर्शी लाभ हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्नत तकनीक को नैतिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और गरिमा के अनुरूप होना चाहिए तथा इसका इस्तेमाल जिम्मेदार, जवाबदेह और मानव-केंद्रित तरीके से किया जाना चाहिए।
UAE के साथ डिजिटल शासन और संसदीय सहयोग पर चर्चा
मंच से इतर, बिरला ने UAE फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सक्र घोबाश से मुलाकात की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नेताओं ने मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों को दोहराया और डिजिटल शासन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, समिति के कामकाज तथा ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली जैसे क्षेत्रों में संसदीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान नियमित संवाद, प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति और कूटनीति के माध्यम से स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही 'विकसित भारत' और 'वी द यूएई 2031' की साझा आकांक्षाओं के अनुरूप व्यापार, निवेश, शिक्षा, युवा आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
चीन के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर बातचीत
बाद में, बिरला ने चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष झेंग जियानबांग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संसदीय आदान-प्रदान और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। बिरला ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा बातचीत और आपसी सम्मान के माध्यम से मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की भारत और चीन की साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने संसदीय कूटनीति, व्यापार संबंधों और लोगों के बीच संपर्क को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही विश्वास जताया कि संसदीय मैत्री समूह और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच आपसी समझ को और गहरा करने में मदद करेंगे।
ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह पर सहयोग पर चर्चा
लोकसभा सचिवालय ने आगे कहा कि बिरला ने ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के प्रेसिडियम के सदस्य अहमद नादेरी से मुलाकात की। ऐतिहासिक संबंधों और सितंबर 2026 में हुई उच्च स्तरीय बैठक सहित दोनों देशों के बीच वार्ताओं को याद करते हुए, बिरला ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रयासों से चाबहार बंदरगाह पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। नादेरी ने भारत द्वारा ईरान को दी गई दवाओं, सहायता और अन्य समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए निरंतर संपर्क बनाए रखने के महत्व को भी दोहराया।
(ANI)
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