रायबरेली के लोग नहीं कर सकेंगे ऑनलाइन फूड ऑर्डर, 'जोमैटो' और 'स्विगी' को दिए गए सख्त निर्देश
रायबरेली: अगर आप भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप 'जोमैटो' और 'स्विगी' से खाना ऑर्डर करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन अब ऑनलाइन फूड कंपनियों की मनमानी पर लगाम कसने के मूड में आ गया है। 16 अगस्त के बाद रायबरेली में इन ऐप्स के जरिए खाना ऑर्डर करना मुश्किल हो सकता है या फिर आपको मिलने वाले 'भारी-भरकम डिस्काउंट' के खेल पर पूरी तरह से ब्रेक लग सकता है।
बुधवार को बुलाई गई हाई-वोल्टेज बैठक
दरअसल, बुधवार को कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन में रेस्टोरेंट एसोसिएशन के ज्ञापन को लेकर एक हाई-वोल्टेज बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता सहायक खाद्य आयुक्त मानिकचंद्र सिंह ने की। बैठक में रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि तो पहुंचे, लेकिन स्विगी और जोमैटो के अफसर साहिबान नदारद रहे। कंपनियों की इस गैर-जिम्मेदारी से नाराज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गंभीर आरोप
बैठक में रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म बिना उनकी सहमति या अनुमति के ग्राहकों को ऑफर और डिस्काउंट बांट देते हैं, जिसका सीधा नुकसान छोटे और बड़े रेस्टोरेंट संचालकों को उठाना पड़ता है। एसोसिएशन की मांग पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सहायक खाद्य आयुक्त मानिकचंद्र सिंह ने साफ कर दिया कि रेस्टोरेंट की मर्जी के बिना कोई भी प्लेटफॉर्म अपने मन से डिस्काउंट नहीं दे सकेगा।
जोमैटो और स्विगी को दिए गए सख्त निर्देश
अक्सर देखा जाता है कि लोग किसी बड़े रेस्टोरेंट का खाना समझकर ऑर्डर करते हैं और वह किसी तंग गली के छोटे से क्लाउड किचन या स्ट्रीट वेंडर के पास से आ जाता है। मानिकचंद्र सिंह ने जोमैटो और स्विगी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने ऐप पर पारदर्शिता लाएं। अब ऐप पर खाद्य प्रतिष्ठानों को अलग-अलग कैटेगरी में दिखाना अनिवार्य होगा, जिसमें रेस्टोरेंट श्रेणी, ढाबा श्रेणी, क्लाउड किचन श्रेणी और स्ट्रीट फूड वेंडर श्रेणी शामिल होंगी ताकि ग्राहक को एक क्लिक पर साफ-साफ पता चल सके कि उसका खाना आखिर बनकर कहां से आ रहा है।
16 अगस्त के बाद खाद्य प्रतिष्ठान इन ऐप्स को नहीं करेगा अपना खाना सप्लाई
सहायक खाद्य आयुक्त मानिकचंद्र सिंह ने जिले के सभी रेस्टोरेंट, ढाबा, क्लाउड किचन, स्ट्रीट फूड वेंडर और बेकरी संचालकों को फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जोमैटो और स्विगी इन शर्तों को पूरा नहीं करते, तब तक 16 अगस्त के बाद कोई भी खाद्य प्रतिष्ठान इन ऐप्स को अपना खाना सप्लाई नहीं करेगा।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
अगर किसी ने चोरी-छिपे डिलीवरी दी, तो प्रशासन बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं है। मानिकचंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की सख्त धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी खुद कारोबारी की होगी। अब देखना यह होगा कि जोमैटो और स्विगी 16 अगस्त से पहले सुधरते हैं या रायबरेली के लोग कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन खाने के स्वाद से महरूम रहते हैं।
ये भी पढ़ें- 21.05 करोड़ रुपये साइबर फ्रॉड मामले में भाजपा जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार से हो रही पूछताछ