मध्यप्रदेश के डिंडोरी में भोपाल के मिसरोद थाना प्र

'जय जोहार' पर कथित टिप्पणी से भड़का आक्रोश, डिंडोरी में चक्का जाम

'जय जोहार' पर कथित टिप्पणी से भड़का आक्रोश

डिंडोरी: मध्यप्रदेश आदिवासी समाज का पारंपरिक अभिवादन 'जय जोहार' केवल शब्द नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। इसी अभिवादन को लेकर भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से की गई अभद्र टिप्पणी का मामला अब विरोध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। बुधवार, 14 अक्टूबर को डिंडोरी जिला मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रानी अवंती बाई चौक पर धरना दिया और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर अपना आक्रोश जताया।

'जय जोहार' पर कथित टिप्पणी के विरोध में आदिवासी युवाओं का प्रदर्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आदिवासी समाज के युवा एवं छात्र-छात्राओं के 'जय जोहार' के नारे को लेकर मिसरोद थाना प्रभारी द्वारा कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इसी घटना के विरोध में डिंडोरी में सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने एकजुट होकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 'जय जोहार' आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा अभिवादन है। इसे लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। युवाओं ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

थाना प्रभारी के निलंबन की उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित करने और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई। समाज ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन को प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के बाद सर्व आदिवासी समाज की ओर से राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। डिंडोरी में हुए इस प्रदर्शन ने आदिवासी समाज के सम्मान और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे को सामने ला दिया है। 

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