दिल्ली में 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड से 6 दिनों में 35 लाख से अधिक महिलाओं ने की डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा
नई दिल्ली। दिल्ली में महिला यात्रियों के बीच पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की लोकप्रियता बढ़ने लगी है, अक्टूबर के पहले 6 दिनों में डीटीसी बसों में 35 लाख से अधिक महिलाओं ने यात्रा की है। दिल्ली सरकार द्वारा 3 अक्टूबर को नई कार्ड-आधारित मुफ्त यात्रा प्रणाली की घोषणा के बाद से 25 लाख से अधिक महिलाओं ने डीटीसी बसों का उपयोग किया है। एनसीएमसी द्वारा समर्थित यह कार्ड दिल्ली में रहने वाली पात्र महिलाओं को एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करता है। इस योजना में दिल्ली निवासी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।
दिल्ली भर में 38 पिंक पास वितरण केंद्र स्थापित
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जिन महिलाओं को अभी तक उनके कार्ड नहीं मिले हैं, उन्हें चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि पंजीकरण और कार्ड बनाने की प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक सभी पात्र महिलाओं को इसके दायरे में नहीं लाया जाता। परिवहन विभाग ने दिल्ली भर में 38 पिंक पास वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, साथ ही पंजीकरण और कार्ड जारी करने के लिए विशेष शिविर भी लगाए हैं। ये केंद्र नेहरू प्लेस, सरोजिनी नगर, रोहिणी, नरेला, कश्मीरी गेट, शाहदरा, उत्तम नगर, द्वारका और पंजाबी बाग सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए हैं।
महिलाएं नजदीकी वितरण केंद्र से ले सकतीं हैं कार्ड
मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने के बाद से डीटीसी बसों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या से पता चलता है कि इसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना किए बिना कार्ड प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए व्यवस्थाएं भी बढ़ा रही है। जिन महिलाओं को अभी तक पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं मिला है, वे अपने नजदीकी वितरण केंद्र या विशेष शिविर में जा सकती हैं। यह कार्ड बनाने का काम तब तक जारी रहेगा जब तक दिल्ली भर की सभी पात्र महिलाओं को यह कार्ड नहीं मिल जाता।
'टैप-एंड-गो' तकनीक पर काम करता है 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड'
'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' एनसीएमसी आधारित 'टैप-एंड-गो' तकनीक पर काम करता है। यह महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देता है। यात्रियों को अब कागजी टिकट की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ईटीएम मशीनों पर कार्ड टैप करने पर यात्रा स्वतः ही दर्ज हो जाती है। यह स्मार्ट कार्ड मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भविष्य में भुगतान के लिए भी बनाया गया है। इसे आसानी से ऑनलाइन रिचार्ज किया जा सकता है और यात्री डिजिटल यात्रा रिकॉर्ड देख सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाती है।
(इनपुटः ANI)
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