डिंडौरी में ओवरलोड वाहन से छात्रों की जान जोखिम में, कार्रवाई पर उठे सवाल
डिंडौरी (मध्य प्रदेश)। जिले मुख्यालय के नर्मदा पुल पार सहित अधिकत्तर ग्रामीण क्षेत्र मार्गो पर यातायात व्यवस्था की हकीकत इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। नर्मदा पुल से नेवसा-सारसताल मार्ग डिंडोरी अमरपुर, डिंडोरी सक्का, डिंडौरी समनापुर तक सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड तूफान ऑटो वाहनों में स्कूली छात्र-छात्राओं और कॉलेज विद्यार्थियों की जान खुलेआम जोखिम में डाली जा रही है।
ओवरलोड वाहन का वीडिओ वायरल
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है, कि क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरकर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन मार्गों पर ये वाहन चल रहे हैं, वहां की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। ऐसे में यदि किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर कई ऐसे वाहन संचालित हो रहे हैं जिनके परमिट, फिटनेस और बीमा तक की अवधि समाप्त हो चुकी है।
आरटीओ और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इसके बावजूद वे बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कार्यवाही के नाम पर डिंडोरी आरटीओ दूरी बनाकर रखे हुए हैं। नियम विरुद्ध चल रहे आखिर इन वाहनों को संरक्षण कौन दे रहा है और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं, एक कॉलेज छात्र ने वीडियो वायरल कर यातायात पुलिस, सहित आरटीओ और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
ओवरलोड वाहनों पर नही हो रही प्रभावी कार्रवाई
छात्र का कहना है, कि कई बार शिकायतों के बावजूद न तो ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और न ही नेवसा-सारसताल मार्ग की बदहाल सड़क को दुरुस्त कराया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तब यातायात पुलिस और आरटीओ डिंडोरी की निगरानी व्यवस्था कहां है। क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी, या फिर समय रहते इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
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