अरुणाचल में चीनी घुसपैठ के आरोपों पर ओवैसी ने उठाए सवाल, संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग
हैदराबाद: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर के हालातों पर चिंता जताई। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार से चीनी घुसपैठ, भारतीय पेट्रोलिंग और आम लोगों पर कथित रोक की खबरों पर पूरी सफाई मांगी। एक बयान में ओवैसी ने कहा कि इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के डायरेक्टर जनरल (DG) की तरफ से कथित कन्फर्मेशन गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र पर बॉर्डर पर हो रहे डेवलपमेंट के बारे में देश को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया और कहा कि इस मुद्दे पर उनके पहले के सवालों का कोई जवाब नहीं मिला है।
अरुणाचल में चीनी घुसपैठ पर ओवैसी के सवाल
ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में उन जगहों की जानकारी मांगी जहां चीनी सैनिकों ने कथित तौर पर घुसपैठ की, भारतीय पेट्रोलिंग और आम लोगों को रोका और पीछे हटने से मना कर दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि यह स्थिति कब तक जारी रही और इस दौरान चीन के प्रति सरकार के रवैये पर सवाल उठाया। बॉर्डर की स्थिति पर पार्लियामेंट में चर्चा न होने की आलोचना करते हुए, AIMIM चीफ ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी ट्रांसपेरेंसी पक्का करने में नाकाम रही है।
ओवैसी ने चीन सीमा पर रिपोर्ट और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की
उन्होंने जून 2020 में भारतीय इलाके में चीनी मौजूदगी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों का भी ज़िक्र किया और बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए उनकी सच्चाई पर सवाल उठाया। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में ज़्यादा जवाबदेही की मांग करते हुए, ओवैसी ने चीन बॉर्डर पर हालात पर एक पूरी और स्वतंत्र रिपोर्ट की मांग की। उन्होंने बॉर्डर के हालात और चीन के प्रति सरकार की पॉलिसी पर चर्चा के लिए संसद का एक स्पेशल सेशन बुलाने की भी मांग की। ओवैसी ने कहा कि देश को भारत की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधे असर डालने वाले मुद्दों पर पारदर्शिता, ईमानदारी और राजनीतिक जवाबदेही का हक है।
अरुणाचल में PLA से टकराव पर MEA का बयान
इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने सरकार की स्थिति तब साफ की थी जब DG ITBP शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ टकराव जारी रहने की बात कही थी। MEA ने शुक्रवार को अपनी ब्रीफिंग में कहा, जहां तक खास बातों का सवाल है, मैं आपको मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस से बात करने के लिए कहूंगा। जैसा कि हमने पहले भी देखा है, भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में हालात समय-समय पर बिगड़ जाते हैं, जब चीनी सेना तय पेट्रोलिंग पैटर्न से अलग हो जाती है।
LAC पर शांति और गलतफहमी दूर करने पर भारत-चीन सहमत
दोनों पक्ष मौजूदा डिप्लोमैटिक और मिलिट्री तरीकों का इस्तेमाल करके बाकी मुद्दों को सुलझाना और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर गलतफहमी और गलत अंदाज़े से बचना जारी रखे हुए हैं। दोनों पक्ष बेहतर बॉर्डर मैनेजमेंट के लिए सही इलाकों में LAC को बेहतर ढंग से समझने के तरीकों पर चर्चा करने पर भी सहमत हुए हैं। मैं इस बात पर भी ज़ोर देना चाहूंगा कि बॉर्डर इलाकों में शांति और सुकून बनाए रखना आपसी रिश्तों के पूरे विकास के लिए ज़रूरी है। यह सफाई ITBP DG की कथित टिप्पणी पर मचे राजनीतिक बवाल के बीच आई है।
(इनपुट: ANI)
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