पालम अग्निकांड जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, MCD और फायर विभाग की लापरवाही उजागर; 9 लोगों की मौत
नई दिल्ली: 18 मार्च, 2026 को दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस हादसे में सात महिलाओं समेत कुल नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे।
जांच रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा
आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच रिपोर्ट में नियामक विफलताओं, अनधिकृत ओवरहेड केबलों और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को आग लगने के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित विभागों की लापरवाही ने हादसे की गंभीरता को बढ़ाया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
रिपोर्ट के मुताबिक, आग लगने का सबसे संभावित कारण एमसीबी बॉक्स के पास हुआ विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, आग लगने का अंतिम कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि इमारत के अंदर बड़ी मात्रा में रखे ज्वलनशील सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों के कारण आग तेजी से फैल गई।
बचाव अभियान में आईं कई मुश्किलें
रिपोर्ट में बताया गया कि बचाव अभियान के दौरान स्काईलिफ्ट क्रेन में खराबी आ गई थी। इसके अलावा, ऊपर से गुजर रहे केबल और तारों के कारण बचाव कार्य में और परेशानी हुई। जांच में पाया गया कि घटनास्थल पर तत्काल इस्तेमाल के लिए कोई प्रभावी वैकल्पिक ऊंचाई वाला बचाव उपकरण उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण राहत और बचाव अभियान में देरी हुई।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रिपोर्ट में आग सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और नियामक व्यवस्था की खामियों को भी हादसे की बड़ी वजह बताया गया है। साथ ही सहायक विद्युत निरीक्षक की तकनीकी दक्षता पर भी सवाल उठाए गए हैं और अपर्याप्त प्रशिक्षण का हवाला दिया गया है।
दिल्ली सरकार उठाएगी सुधारात्मक कदम
दिल्ली सरकार ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने दिल्ली अग्निशमन सेवा को मजबूत करने, अधिक कर्मियों की भर्ती करने और अग्निशमन उपकरणों को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। इस बीच, मालवीय नगर अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच अंतिम चरण में है और इसकी रिपोर्ट जल्द ही दिल्ली सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है।
(एएनआई)
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