सिंगरौली के हिरवाह क्षेत्र में भारतीय शक्ति चेतना

सिंगरौली में अवैध शराब के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं की छापेमारी, 25 हजार की शराब जब्त

Party workers seize illegal liquor worth ₹25,000 in Singrauli, raise questions over police inaction

​सिंगरौली,(मध्य प्रदेश)। जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत हिरवाह क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब लंबे समय से पुलिस की अनदेखी से परेशान भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब के खिलाफ खुद मोर्चा संभाल लिया। संगठन के लोगों ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई जा रही है।

​लंबे समय से पुलिस को थी जानकारी

स्थानीय निवासियों और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ता का आरोप है कि कोतवाली थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में काफी समय से अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे रखी। संगठन का आरोप है कि पुलिस की इसी ढुलमुल नीति के कारण शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे खुलेआम रिहायशी इलाकों में शराब बेच रहे हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है।

​छापेमारी के दौरान हुई झड़प

जब संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरवाह क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की गुप्त सूचना मिली, तो उन्होंने पुलिस का इंतजार करने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचने का निर्णय लिया। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद शराब विक्रेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोक-झोंक और झड़प भी हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने मौके से लगभग 25 हजार रुपये मूल्य की अवैध शराब जब्त कर ली।

​प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सिंगरौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब आम नागरिक और सामाजिक संगठन अवैध गतिविधियों को पकड़ने में सक्षम हैं, तो स्थानीय पुलिस क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठी है? क्या पुलिस और शराब माफियाओं के बीच किसी तरह की मिलीभगत है?

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

​घटना की जानकारी मिलने के बाद अब स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिले के आला अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध शराब के इस कारोबार को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए। 

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