लिफ्ट देने के बहाने यात्रियों को बनाया बंधक, पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल
ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के दरकौर क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान दो संदिग्ध अपराधी घायल हो गए। इन अपराधियों ने कथित तौर पर एक कार में दो यात्रियों को बंधक बना लिया था और उनसे ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए पैसे वसूल रहे थे। घटना 15 अगस्त को घटी, जब एक पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) को एक व्यक्ति का आपातकालीन कॉल आया, जिसमें उसने बताया कि उसके 27 वर्षीय भाई हेमेंद्र को एक वाहन में बंधक बना लिया गया है और उससे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
संदिग्ध वाहन की पहचान कर किया पीछा
राजस्थान के धौलपुर निवासी हेमेंद्र दनकौर के एक निजी विश्वविद्यालय के पास वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें कार में लिफ्ट देने का ऑफर किया। कार में बैठने के बाद उन्होंने हेमेंद्र को धमकाया और पैसे के लिए डराया-धमकाया। सूचना मिलने पर दनकौर पुलिस स्टेशन और पीआरवी की टीमों ने संदिग्ध वाहन की पहचान की और उसका पीछा किया। जब पुलिस ने एक अंडरपास के पास कार को रोका, तो संदिग्धों ने पैदल भागने की कोशिश की और अधिकारियों पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुठभेड़ के दौरान दो संदिग्ध घायल हो गए।
अपराधियों के पास से बरामद किया ये सामान
घायल संदिग्धों की पहचान बिहार के जहानाबाद निवासी अभिनय पल्लव (24) और हापुड़ निवासी सत्यम सिंह (22) के रूप में हुई। दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने हेमेंद्र और कानपुर नगर के एक अन्य 18 वर्षीय यात्री नमन को सफलतापूर्वक छुड़ा लिया, जिन्हें पहले जीरो प्वाइंट के पास से इसी तरह उठाया गया था। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई कार के साथ-साथ संदिग्धों से कई सामान- जैसे दो .315 बोर की देसी पिस्तौलें, दो खाली कारतूस, पांच जिंदा कारतूस, एक अवैध चाकू, 10,000 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन जब्त किए।
काफी समय से कर रहे थे लूटपाट का काम
गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के अनुसार, ये दोनों यात्रियों को लिफ्ट देने का बहाना बनाकर फंसाते थे। इसके बाद उन्हें धमकाकर उनसे नकद राशि वसूलते थे और डिजिटल ट्रांसफर करवाते थे। अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन की समीक्षा की जा रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे क्षेत्र भर में इसी तरह की जबरन वसूली के मामलों में शामिल थे।
(इनपुट: ANI)
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