बहुचर्चित द्विशा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह का पासपोर्ट होगा जब्त, लुकआउट सर्कुलर जारी
भोपाल। बहुचर्चित द्विशा शर्मा संदिग्ध हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और पेशे से वकील समर्थ सिंह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पुलिस ने आरोपी को देश से बाहर भागने से रोकने के लिए उसका पासपोर्ट जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (Lookout Circular) भी जारी कर दिया गया है।
य़ह है पूरा मामला
नोएडा की 33 वर्षीय द्विशा शर्मा (पूर्व मिस पुणे विजेता और पूर्व मॉडल) की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के कटारा हिल्स निवासी वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज 5 महीने बाद, 12 मई 2026 की रात को कटारा हिल्स स्थित उनके निवास पर द्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। द्विशा के मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने इसे सुनियोजित मर्डर करार दिया है।
समर्थ की जमानत याचिका हुई खारिज
हाल ही में भोपाल जिला अदालत की जज पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट ने मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) को खारिज कर दिया है। हालांकि, मामले की सह-आरोपी और समर्थ सिंह की मां (रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह) को अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
SIT करेगी मामले की जांच
घटना के बाद से ही आरोपी समर्थ सिंह फरार चल रहा है। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस केस में दहेज प्रताड़ना और शारीरिक मारपीट, सबूतों को मिटाने के प्रयास, और द्विशा के आखिरी व्हाट्सएप चैट, जिसमें उसने अपनी जान को खतरा और घुटन होने की बात लिखी थी की बारीकी से जांच कर रही है।
द्विशा के पिता व भाई का सीएम निवास पर प्रदर्शन
न्याय की गुहार लगाते हुए द्विशा के पिता और भाई ने भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन भी किया था। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों के रसूख (सास के पूर्व जज होने) के कारण ढुलमुल रवैया अपना रही थी। पीड़िता का शव पिछले कई दिनों से एम्स भोपाल की मॉर्चुरी में रखा है, और परिवार ने सच सामने लाने के लिए दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग उठाई है। अब पुलिस देश के सभी हवाई अड्डों और निकास द्वारों पर लुकआउट नोटिस जारी कर आरोपी समर्थ सिंह की सरगर्मी से तलाश कर रही है ताकि उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
इधर, मामला और उलझा, सीसीटीवी में 10 मई की तारीख, घटना दो दिन बाद की
चर्चित द्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया और चौंकाने वाला ट्विस्ट आया है। दर्दनाक घटना 12 मई की रात करीब 10:20 बजे की है, लेकिन अब जो दो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आए हैं, उनमें 10 मई की रात 8:00 बजे की तारीख और समय दिख रहा है। तारीखों के बड़े अंतर ने मामले को और उलझा दिया है।
पति और नौकर उठाकर लाए, CPR देने की कोशिश की
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि द्विशा के पति समर्थ सिंह और उनके घर का नौकर द्विशा को बेसुध हालत में उठाकर ला रहे हैं। उन्होंने उसे सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने की कोशिश भी की।
सास का आरोप, ड्रग्स लेती थी
द्विशा की सास गिरिबाला ने आरोप लगाया है कि बहू ड्रग्स लेती थी। दूसरी तरफ, मृतका के मायके वाले इन आरोपों को खारिज करते हुए मामले में हत्या का अंदेशा जता रहे हैं और शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। घटनाक्रम और सीसीटीवी में दर्ज तारीख के बीच दो दिनों का अंतर होने की वजह से पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच करेगी कि सीसीटीवी फुटेज में गलत तारीख क्यों और कैसे दिखाई दे रही है। क्या यह तकनीकी गड़बड़ी (Time Stamp Error) है या इसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है। उधर, मृतका के परिवार की तरफ से हाल ही में कुछ चैट्स भी सामने आए हैं, जिसमें द्विशा ने कथित तौर पर परेशान करने और दम घुटने की बात लिखी थी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
आरोप और 'वॉट्सऐप चैट' का खुलासा
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई, जो सेना में मेजर हैं, ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्विशा की मौत से ठीक पहले की कुछ वॉट्सऐप चैट्स सामने आई हैं, जिसमें उन्होंने अपनी मां से मिन्नतें की थीं कि वह भोपाल का घर छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती हैं। उन्होंने लिखा था, "यहाँ ज़िंदगी नर्क है, मुझे घर ले चलो।" मायके वालों के मुताबिक, ट्विशा ने लौटने का टिकट भी बुक करा लिया था। एम्स (AIIMS) भोपाल की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की कई चोटों के निशान (Multiple Antemortem Injuries) पाए गए हैं, जो किसी भारी या कुंद वस्तु (Blunt Force) से लगी हो सकती हैं। इसी वजह से परिवार अब दोबारा पोस्टमार्टम (Second Postmortem) कराने की मांग को लेकर कोर्ट गया है।
ट्विशा के पिता ने न्यायपालिका के नाम पत्र जारी कर मांग की है कि इस संवेदनशील मामले को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किया जाए और मुख्य न्यायाधीश (CJI) इस पर खुद संज्ञान लें, क्योंकि ससुराल पक्ष न्यायिक सेवा से जुड़ा हुआ है।
सास और पति का दावा
दूसरी तरफ, ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कई दावे किए हैं। सास का दावा है कि ट्विशा का व्यवहार गर्भावस्था (Pregnancy) के बाद काफी बदल गया था। उनका आरोप है कि ट्विशा मानसिक तनाव, एंग्जायटी और सिज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। सास के बयानों के मुताबिक, ट्विशा दो महीने की गर्भवती थीं और वह एमटीपी (Medical Termination of Pregnancy/गर्भपात) कराने की जिद पर अड़ी हुई थीं, जिससे पारिवारिक तनाव काफी बढ़ गया था। सास ने एम्स की चोट वाली रिपोर्ट को केवल सनसनी फैलाने का जरिया बताया है।
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