भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कर्नाटक लोक

KPSC पेपर लीक पर संबित पात्रा का राहुल गांधी पर निशाना, पूछा- 22 लाख के हीरे का हार किसके पास?

Patra Targets Rahul Over KPSC Paper Leak

नई दिल्ली [भारत]: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक कर उम्मीदवारों को लाखों रुपये में बेचे जाने की बात सामने आई है।

पात्रा ने जांच का हवाला देकर लगाए आरोप

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पात्रा ने कहा कि एस. मंजुनाथ ने सबसे पहले इस मामले को उजागर किया था। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने मामला CID को सौंपा और ED ने भी इसकी जांच शुरू की। पात्रा ने जांच के दौरान जब्त किए गए कथित 22 लाख रुपये के हीरे के हार को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि इस हार के बारे में सच्चाई क्या है और यह किसके पास था। पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी को भी इस हार के बारे में सच्चाई बतानी चाहिए, विशेष रूप से, यह हार किसके पास है।"

परीक्षा नियंत्रक पर पेपर लीक का आरोप

पात्रा ने आरोप लगाया कि KPSC परीक्षा के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार ने 7 जनवरी, 2026 को परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक किया। उनके अनुसार, प्रश्न और उत्तर एक पेन ड्राइव में सेव किए गए और इसे बसवराज कनाले नामक कथित बिचौलिए को सौंपा गया। ED की जांच से जुड़ी रिपोर्टों में भी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कनाले के बीच प्रश्नपत्र लीक किए जाने का आरोप सामने आया है। 

80 लाख रुपये तक मांगे जाने का दावा

पात्रा के अनुसार, कनाले ने इसके बाद कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए 30-40 लाख रुपये से लेकर 80 लाख रुपये तक की रकम मांगी। उन्होंने कहा, "7 जनवरी, 2026 को ज्ञानेंद्र कुमार ने प्रश्नपत्र लीक किया; उन्होंने परीक्षा के प्रश्न और उनके उत्तर एक पेन ड्राइव में सेव किए और उसे बसवराज कनाले नामक एक बिचौलिए को सौंप दिया।" पात्रा ने दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों के साथ 30-40 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक में सौदे हुए, जबकि कुछ उम्मीदवार 80 लाख रुपये की रकम देने के लिए तैयार हुए।

परीक्षा से पहले रिसॉर्ट में ले जाने का आरोप

पात्रा ने आगे आरोप लगाया कि जिन उम्मीदवारों ने कथित तौर पर भुगतान करने पर सहमति जताई, उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट-कम-होटल में ले जाया गया। उनके अनुसार, वहां उम्मीदवारों को कथित तौर पर प्रश्न और उत्तरों का अभ्यास कराया गया। जांच से जुड़ी रिपोर्टों में भी उम्मीदवारों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में रिसॉर्ट और विला में ठहराए जाने तथा कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। 

329 उम्मीदवारों के चयन का दावा

पात्रा ने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद 329 उम्मीदवारों का चयन हुआ और चयन सूची लगभग 17 जुलाई, 2026 को जारी की गई। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताएं जुलाई के अंत में तब सामने आईं, जब एस. मंजुनाथ ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग पेश की। पात्रा के अनुसार, इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर 80 लाख रुपये की मांग की गई थी।

11 उम्मीदवारों से 1.52 करोड़ रुपये का दावा

पात्रा ने कहा, "प्रत्येक उम्मीदवार से 30 से 40 लाख रुपये वसूले गए, और पहली किस्त में लगभग 1.52 करोड़ रुपये जमा किए गए - ये 1.52 करोड़ रुपये सिर्फ 11 उम्मीदवारों से लिए गए।" KPSC भर्ती परीक्षा की जांच से जुड़ी रिपोर्टों में CID और ED की ओर से 11 उम्मीदवारों से कुल करीब 1.52 करोड़ रुपये के कथित भुगतान का उल्लेख किया गया है। 

1.30 करोड़ रुपये देने का भी आरोप

पात्रा ने आगे आरोप लगाया कि कथित बिचौलिए ने 1.30 करोड़ रुपये ज्ञानेंद्र कुमार को दिए थे। इस मामले में ED की जांच में भी बिचौलिए की ओर से IAS अधिकारी को कथित तौर पर 1.30 करोड़ रुपये दिए जाने का उल्लेख सामने आया है।  पात्रा ने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर आगे भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और कथित हार से जुड़ी और जानकारी सामने रखेगी।उन्होंने कहा, "हम तथ्यों से पूरी तरह अवगत हैं; यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आखिरी नहीं है। 22 लाख रुपये के हार से संबंधित विवरण भी सामने आएंगे। आपको अंततः पता चलेगा कि इसे उपहार के रूप में किसने और कब प्राप्त किया।"

(एएनआई)

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