उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर

शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी कानून के विरोध में पीसीएस अफसर का इस्तीफा

PCS Officer Resigns Over 'Insult' to Shankaracharya & UGC Laws

लखनऊ। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए गए नए भेदभाव-निरोधक कानून को लेकर समाज में विरोध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इन मुद्दों के विरोध में उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली में अपने सरकारी आवास के बाहर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।

भाजपा में बगावत, 11 पदाधिकारियों ने छोड़ी पार्टी

लखनऊ के बख्शी तालाब के कुम्हारवां मंडल के भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री आलोक तिवारी और 11 अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है। भाजपा नेताओं ने इस्तीफे में कहा कि यह कानून लागू करके हमारे सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। तिवारी ने इस्तीफे में कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं दीनदयाल उपाध्याय ने जिन उद्देश्यों को लेकर पार्टी की स्थापना की थी, पार्टी आज उससे भटक गयी है।

फेसबुक पर किया ऐलान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान और यूजीसी कानून को लेकर सबसे चर्चित विरोध पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री की तरफ से देखने को मिला है। अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए कानून और साथ ही प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के मुद्दे पर अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक चिट्ठी लिखकर अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। अग्निहोत्री ने इस्तीफे से पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर इसको लेकर फेसबुक पर पोस्ट लिखा था। अब उनका इस्तीफा भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

राज्यपाल और चुनाव आयोग को भेजा गया त्यागपत्र

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल को ई - मेल से भेजे अपने इस्तीफे में लिखा, "मैं अलंकार अग्निहोत्री , City Magistrate, बरेली, UGC Regulations 2026 के विरोध में एवं प्रयागराज में माघ मेले में ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी/ शिखा पकड़ कर हुई मारपीट के विरोध में तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त को भी भेजा है।

हाथों में पोस्टर लेकर की 'काला कानून' वापस लेने की मांग

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सिर्फ इस्तीफा नहीं दिया बल्कि हाथों में पोस्टर लेकर अपने बरेली में सरकारी आवास आवास के बाहर खड़े नजर आए। पोस्टरों पर साफ शब्दों में लिखा था। “UGC_ROLLBACK, काला कानून वापस लो। इसके साथ ही पोस्टरों पर #Boycott_BJP समेत कई राजनीतिक हैशटैग भी लिखे गए थे, जिसने इस पूरे विरोध को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। प्रदर्शन के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि UGC के हालिया नियम शिक्षा व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियम छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाले हैं और शिक्षा को एक सीमित ढांचे में बांधने का प्रयास है। उनका कहना था कि यह फैसला केवल छात्र समाज ही नहीं, बल्कि संत समाज और देश की वैचारिक परंपराओं का भी अपमान है।

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कई अधिकारी बता रहे अभूतपूर्व और साहसिक कदम

पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार से मांग की कि इन नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो वह ऐसे पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं समझते। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा खुलेआम इस तरह का विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक नारे लिखे पोस्टर लेकर सामने आना प्रशासनिक दृष्टि से बेहद असामान्य माना जा रहा है। इस घटना के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और शासन स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई अधिकारी इसे अभूतपूर्व और साहसिक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे प्रशासनिक मर्यादा और सेवा नियमों से जुड़ा गंभीर मामला मान रहे हैं।

आईआईटीयन से अफसर तक का सफर

अलंकार अग्निहोत्री यूपी पीसीएस 2019 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से बीटेक और फिर एलएलबी की डिग्री ली है। अग्निहोत्री मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में लिख है, "मैं अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रांतीय सेवा में 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी हूं। वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के रूप में जनपद बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। यह भी आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय हिन्दू विश्वविद्यालय के अन्तर्गत IIT BHU से B.Tech की उपाधि अर्जित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसके लिए मैं भारत रत्न महामना मदनमोहन मालवीय का जीवनभर आभारी रहूंगा। उनके स्वप्न के आधार पर जिस प्रकार से उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसी से प्रेरणा लेकर काशी और वीरभूमि हनुमान जी के ध्यान में रखकर आगे अपने भाव व्यक्त कर रहा हूं।"

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