‘घोड़े की दवा’ में मौजूद आर्सेनिक मिलाकर मिठाई खिलाई, 3 की मौत
MP News : जुन्नारदेव। मध्य प्रदेश के जुन्नारदेव क्षेत्र में जनवरी की शुरुआत में एक चाय दुकान के पास छोड़े गए मिठाई के पैकेट ने तीन लोगों की मौत का कारण बना और पुलिस जांच में एक पारिवारिक साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, मिठाई में ‘सोमल’ नामक घोड़े की दवा मिलाई गई थी, जिसमें आर्सेनिक मौजूद था। पुलिस ने इस मामले में एक परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।
मृतकों में रिश्तेदार भी शामिल
इस घटना में मृतकों में शामिल हैं एक युवा महिला (मां), उसका दादा और एक चौकीदार, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) कार्यालय में काम करता था।
आर्सेनिक की मात्रा बहुत अधिक
फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि मिठाई में मौजूद आर्सेनिक का स्तर अनुमन्य सीमा से 23,000 गुना अधिक था।
हरे रंग का बैग बना मौत का कारण
पुलिस के अनुसार, 8 जनवरी की रात जुन्नारदेव के PHE कार्यालय के गेट के पास एक चाय दुकान के नजदीक सब्जी, नमकीन और मिठाई से भरा हरा बैग छोड़ा गया। अगली सुबह PHE कार्यालय के चौकीदार दाशरू यादववंशी को यह बैग मिला। उसने मिठाई खा ली, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान 9 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
चायवाले की पत्नी मिठाई घर ले गई, परिवार पर टूटा कहर
इन घटनाओं से अनजान चाय दुकानदार की पत्नी संतोषी कछुरिया 10 जनवरी को बची हुई मिठाई घर ले गई और उसे अपनी बेटियों खुशबू और पूजा, तथा ससुर सुंदरलाल के साथ खाया। चारों की हालत बिगड़ गई और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुंदरलाल की मौत 13 जनवरी को हुई। 22 वर्षीय खुशबू की मौत 14 जनवरी को हुई। संतोषी और पूजा बच गईं।
जांच में आर्सेनिक की पुष्टि
पुलिस ने मिठाई, उसका डिब्बा और बैग जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट में मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा 25,648 mg/kg पाई गई, जबकि मानक सीमा 1.1 mg/kg है। सुंदरलाल के विसरा की रिपोर्ट भी आर्सेनिक पॉजिटिव आई।
‘सोमल’ नामक घोड़े की दवा का इस्तेमाल
साइबर सेल की मदद से जांच आगे बढ़ी। पुलिस को पता चला कि आर्सेनिक ‘सोमल’ नामक दवा में पाया जाता है, जो सर्दियों में घोड़ों को कम मात्रा में दी जाती है, लेकिन अधिक मात्रा में यह इंसानों के लिए घातक है।
ससुराल पक्ष पर शक और फिर गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि मृतक खुशबू कछुरिया की शादी धावरीकला गांव के अखिलेश से हुई थी। खुशबू का चार महीने का बच्चा भी था। परिवार का आरोप था कि खुशबू को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था। 3 दिसंबर 2025 को खुशबू की मां संतोषी उसे और उसकी बच्ची को मायके जुन्नारदेव ले आई थी। जब खुशबू ने वापस जाने से इनकार किया, तो ससुराल पक्ष द्वारा कथित तौर पर धमकी भरे फोन किए गए। पुलिस ने इसके बाद पूछताछ कर झाड़ू कासर (57), शुभम कासर (24), और शिवानी कासर (22) को गिरफ्तार किया।
इज्जत बचाने के नाम पर हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को लगता था कि खुशबू उनके खिलाफ रिश्तेदारों और गांव में प्रताड़ना तथा अनुचित व्यवहार की बातें फैला रही है, जिससे उनकी बदनामी हो रही है। इसी कारण उन्होंने कथित तौर पर खुशबू और उसके परिवार को खत्म करने की साजिश रची।
घटना से पहले रेकी, फिर रात में बैग रखकर भागे
पुलिस के मुताबिक, 5 जनवरी को आरोपी चेहरे ढककर जुन्नारदेव आए और चाय दुकान तथा PHE कार्यालय के आसपास रेकी की। 8 जनवरी की रात उन्होंने अपने घर पर मिठाई में सोमल दवा मिलाई और उसे सब्जी और नमकीन के साथ बैग में रखकर संदेह से बचने की कोशिश की। इसके बाद बाइक से मौके पर पहुंचे और आधी रात के बाद बैग चुपचाप रखकर चले गए।
सामान्य मामला नहीं
यह मामला एक साधारण जहरखुरानी नहीं, बल्कि बदनामी के डर से रची गई सुनियोजित पारिवारिक हत्या की साजिश बताया जा रहा है, जिसमें निर्दोष लोग भी इसकी चपेट में आ गए।
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