इंसानियत मरी या रील्स की सनक? धू-धू कर जलती रही दुकान, तमाशबीन बने रहे लोग
डिंडौरी {मध्य प्रदेश}: जिला मुख्यालय के पुरानी डिंडौरी बस स्टैंड परिसर में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। महज 15 दिन पहले शुरू की गई एक किराना दुकान अचानक आग की चपेट में आ गई। दुकान के अंदर सामान धू-धू कर जलता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद कुछ लोग आग बुझाने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो और रील बनाने में व्यस्त नजर आए।
अचानक दुकान में लगी आग
किराना दुकान संचालक संतोष मरावी ने बताया कि वह दुकान के अंदर सामान जमा कर रहे थे, तभी अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी। अपनी जान बचाने के लिए संतोष दुकान से बाहर निकल आए और मदद के लिए शोर मचाया।
आग बुझाने के बजाय वीडियो बनाने लगे लोग
संतोष की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में पूरी दुकान आग की लपटों से घिर गई। आरोप है कि इस दौरान कई लोग आग बुझाने या दमकल को सूचना देने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में जुटे रहे। इसी बीच दो युवकों ने हिम्मत दिखाई और दुकान के पास संचालित चाय की दुकान में रखे पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, तब तक आग काफी विकराल हो चुकी थी और पानी से उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
आधे घंटे तक नहीं दी दमकल को सूचना
हैरानी की बात यह रही कि घटना के करीब आधे घंटे तक दमकल विभाग को सूचना नहीं दी गई। बाद में फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई, लेकिन दमकल वाहन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया। आग बुझने के बाद दुकान का मंजर बेहद मार्मिक था। कुछ देर पहले तक जहां परिवार की रोजी-रोटी का सामान रखा था, वहां अब राख का ढेर नजर आ रहा था। संतोष के मुताबिक, दुकान में रखा लाखों रुपये का किराना सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
30 हजार का कर्ज लेकर शुरू की थी दुकान
संतोष ने बताया कि उन्होंने महज 15 दिन पहले अपने घर में रखे पैसों के साथ करीब 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर दुकान शुरू की थी। परिवार का पालन-पोषण करने और खुद का कारोबार खड़ा करने की उम्मीद से उन्होंने यह कदम उठाया था। इसके अलावा थोक किराना व्यापारी का करीब 50 हजार रुपये उधार भी है, जिसे चुकाना अब उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
दुकान के साथ भविष्य की उम्मीदें भी राख
आग ने संतोष की सिर्फ दुकान नहीं जलाई, बल्कि उनके परिवार की रोजी-रोटी और भविष्य की उम्मीदों को भी राख कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पीड़ित संतोष मरावी ने अब डिंडौरी कलेक्टर से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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