राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
नई दिल्ली । अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग, गायब होने और अनियमितताओं को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका भेजी गई है। अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा भेजे गए पत्र में सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि वह मंदिर के दान के कथित दुरुपयोग की एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा न्यायालय की निगरानी में जांच कराने का निर्देश देने पर विचार करे।
न्यायिक निगरानी तंत्र की भी मांग
इसमें श्रद्धालुओं के योगदान की सुरक्षा और मंदिर के धन के संग्रहण, लेखांकन, अभिरक्षण और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक निरंतर न्यायिक निगरानी तंत्र की भी मांग की गई है। यह मुद्दा भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक श्री राम जन्मभूमि मंदिर में एकत्रित दान और चढ़ावे के प्रबंधन और उपयोग से संबंधित है। याचिकाकर्ता ने धन के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक निर्देशों की मांग की है। याचिका पत्र में आगे कहा गया है कि मंदिर में दान प्रबंधन से जुड़े कुछ व्यक्तियों के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई है। इसमें लिखा है, "ये रिपोर्टें अंततः सही साबित होती हैं या गलत, यह एक सक्षम जांच का विषय है। हालांकि, ऐसे आरोपों के सामने आने मात्र से ही दुनिया भर के श्रद्धालुओं में व्यापक चिंता फैल गई है।
अभी तक कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं
फिलहाल, न तो कथित नुकसान की सही मात्रा और न ही कथित गबन की सटीक कार्यप्रणाली जनता को ज्ञात है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपों की गंभीरता और इसमें शामिल व्यापक जनहित के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि किसी भी संज्ञेय अपराध की जांच के लिए अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।" याचिका पत्र में आगे कहा गया है, "जहां संस्थानों में जनता का विश्वास दांव पर लगा है, वहां लाखों श्रद्धालुओं का विश्वास केवल एक ऐसी जांच के माध्यम से बहाल किया जा सकता है जो स्पष्ट रूप से स्वतंत्र, व्यापक और किसी भी प्रकार के प्रभाव, दबाव या हितों के टकराव से मुक्त हो।" (एएनआई)