रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाला फार्मास्

स्पेशल कैंपेन 6.0: फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने चलाए 14,700 सफाई अभियान, स्क्रैप से ₹2.30 लाख की कमाई

Pharma Department Conducts 14,700 Cleanliness Drives, Earns ₹2.30 Lakh

नई दिल्ली: रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाला फार्मास्यूटिकल्स विभाग स्पेशल कैंपेन 6.0 में लंबित मामलों के निपटारे और प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। विभाग के साथ राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA), सात राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBI) और तीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी इस अभियान में शामिल हैं। 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य कार्यालयों में सफाई, ई-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा, रिकॉर्ड प्रबंधन, शिकायतों का समाधान और कार्यालय की जगह का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, फील्ड और बाहरी कार्यालयों में अब तक 14,700 सफाई अभियान चलाए जा चुके हैं, जबकि शुरुआती लक्ष्य 12,208 का था। इन प्रयासों का उद्देश्य कार्यस्थलों को साफ-सुथरा बनाना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और टिकाऊ कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना है।

4,283 फाइलों की समीक्षा, 489 फाइलें बंद

अभियान के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय की जगह के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। विभाग ने 2,716 भौतिक फाइलों और 20 ई-फाइलों की समीक्षा के शुरुआती लक्ष्य के मुकाबले 4,283 भौतिक फाइलों और 20 ई-फाइलों की समीक्षा की है। इस दौरान 489 फाइलों को बंद कर हटाया गया। इन प्रयासों से कार्यालयों में 2,200 वर्ग फीट जगह खाली हुई है। इससे कार्यस्थलों को अधिक व्यवस्थित बनाने और उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिली है। विभाग ने विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के समाधान के लिए भी काम किया है। इनमें सांसदों के संदर्भ, संसदीय आश्वासन, कैबिनेट प्रस्ताव, राज्य सरकारों से जुड़े संदर्भ और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मामले शामिल हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, सांसदों के संदर्भों में 4 के लक्ष्य के मुकाबले 3, संसदीय आश्वासनों में 2 में से 1 और राज्य संदर्भों में 58 के मुकाबले 57 मामलों का निपटारा किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े 2 मामलों का भी उल्लेख किया गया है। केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) के तहत 72 जन शिकायतों और 28 अपीलों के लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 132 शिकायतों और 39 अपीलों का निपटारा किया है। नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए चिह्नित 20 बिंदुओं में से 17 पर काम पूरा किया जा चुका है।

1,011 इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निपटारे की तैयारी

मंत्रालय ने बताया कि स्पेशल कैंपेन 6.0 के प्रमुख उद्देश्यों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन भी शामिल है। विभाग ने पुराने इलेक्ट्रॉनिक और बिजली से चलने वाले 1,011 उपकरणों को सुरक्षित तरीके से निपटाने का लक्ष्य रखा है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी उपकरण, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण और प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले औजार शामिल हैं। इनका निपटारा ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के तहत सूचीबद्ध पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से किया जाना है। विभाग के अनुसार, यह प्रक्रिया अभी जारी है। अभियान के दौरान विभाग ने कार्यालयों में जमा स्क्रैप के निपटारे से 2,30,187 रुपये का राजस्व अर्जित किया है। मंत्रालय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग स्पेशल कैंपेन 6.0 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग राष्ट्रीय विशेष अभियान पोर्टल के माध्यम से अपनी प्रगति और उपलब्धियों का रिकॉर्ड रख रहा है।

(ANI)

ये भी पढ़ें: नागपुर MLC चुनाव: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया