बहराइच में 12 महीने से वेतन नहीं मिलने पर पीएचसी डॉक्टर धरने पर बैठे
बहराइच: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में तैनात चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह शनिवार सुबह से अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। चिकित्सक का आरोप है कि उन्हें पिछले 12 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि वह लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वेतन भुगतान को लेकर अधिकारियों से शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने विरोध का रास्ता अपनाया है।
वेतन न मिलने के बावजूद दूरदराज पीएचसी में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर
डॉ. आरपी सिंह ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर के अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। पत्र में उन्होंने कहा था कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के बावजूद वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगातार मरीजों का उपचार कर रहे हैं। चिकित्सक के मुताबिक, पीएचसी सुजौली जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर है और चारों तरफ जंगल व नदियों से घिरा हुआ क्षेत्र है।
पिछले 12 महीने से रुका वेतन
इसके बावजूद वह अस्पताल में 24 घंटे की सेवा देने का प्रयास करते हैं। उनका कहना है कि कठिन और दुर्गम क्षेत्र में लगातार ड्यूटी करने के बावजूद पिछले 12 महीने से उनका वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर शनिवार तक वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वह अस्पताल परिसर में धरने पर बैठेंगे।
केंद्र सुजौली में धरने पर बैठे डॉ. आरपी सिंह
इसी क्रम में शनिवार सुबह डॉ. आरपी सिंह अपने कार्यस्थल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में धरने पर बैठ गए। चिकित्सक का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को तीन दिन का समय दिया है। अगर इस अवधि में उनके लंबित वेतन का भुगतान नहीं कराया गया तो वह धरना लगातार जारी रखने के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि धरने के दौरान वह मरीजों के उपचार और अपने चिकित्सकीय दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। चिकित्सक के धरने की सूचना के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। 12 माह से वेतन लंबित होने के आरोप पर विभागीय स्तर से क्या कार्रवाई होती है और चिकित्सक को कब तक उनका बकाया वेतन मिल पाता है, यह देखने वाली बात होगी।
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