पीलीभीत में पेंशन सत्यापन के दौरान जीवित लाभार्थी

पीलीभीत में जीवित लाभार्थी को मृत दिखाना पड़ा भारी, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

Pilibhit Officer Suspended for Marking Living Pensioner as Dead

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। सरकारी कामकाजों में लापरवाही के मामलों में अधिकारी भी सख्त एक्शन में नजर आ रहे है। विकास खंड मरौरी की ग्राम पंचायत पुरवा भूड़ा में वृद्धावस्था पेंशन सत्यापन के दौरान एक जीवित लाभार्थी को मृत दर्शा दिया गया जिससे लाभार्थी योजना से वंचित हो गई और उसकी वृद्धावस्था पेंशन भी बंद हो गई। मामला संज्ञान में आते ही डीएम आलोक कुमार ने सख्त एक्शन लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल को निलंबित कर दिया। डीएम की इस कार्यवाही से विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

पेंशन बंद होने पर बुजुर्ग ने की शिकायत

दरअसल गांव पुरवा भूड़ा के रहने वाले बीरवल वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बीरबल ने डीएम से शिकायत की थी, कि पेंशन सत्यापन में उन्हें मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मामले की जांच कराई। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र और खंड विकास अधिकारी मरौरी की जांच आख्या के आधार पर सहायक विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच की। 

जांच में जीवित होने की हुई पुष्टि

जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल ने पेंशन सत्यापन के दौरान पंचायत सहायक और प्रधान पुत्र से मिली जानकारी के आधार पर बीरवल को मृत दर्शाया था, इससे वह पेंशन के लाभ से वंचित हो गए। बाद में ग्राम पंचायत स्तर पर जानकारी करने पर बीरवल के जीवित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पेंशन दोबारा शुरू कराने की कार्रवाई शुरू की गई, पेंशन बहाल होने से बुजुर्ग को राहत मिली। 

लापरवाही पर ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

जांच में ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही और पदीय दायित्वों के समुचित निर्वहन न करने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई। जिसके बाद डीएम ने पवन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। 

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