पीलीभीत के अमरिया में रामलीला कमेटी के चंदे और हिस

पीलीभीत में रामलीला कमेटी के विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग से 3 की मौत, मुख्य आरोपी समेत 8 हिरासत में

Pilibhit Ramleela Committee Dispute: 3 Killed in Firing, 8 Detained

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के बवाल में ताबड़तोड़ फायरिंग से सनसनी फ़ैल गई है। विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है और इनसे पूछताछ क़र रही है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, एक तमंचा, दो कारें और लाठी-डंडे बरामद किए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी-डीएम के बाद बरेली रेंज के डीआईजी अजय साहनी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। 

चंदे के हिसाब-किताब को लेकर बढ़ा विवाद

रामलीला कमेटी के चंदे का हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। कमेटी अध्यक्ष के निधन के बाद उनके चचेरे भाई को यह जिम्मेदारी मिली जिसे आरोपी पचा नहीं पा रहे थे। यही वजह रही और आरोपी लगातार कई बैठकों में हंगामा करते रहे। इस बार की बैठक में वे असलहों के साथ पहुंचे, दूसरा पक्ष इसको लेकर बेखबर था और तीन लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।

रामलीला कमेटी की अध्यक्षता को लेकर दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश

दरअसल रामलीला कमेटी की अध्यक्षता को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पहले से था, पहले नरेश गुप्ता कमेटी के अध्यक्ष थे। उनके निधन के बाद उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता को मेला अध्यक्ष चुना गया। दूसरे पक्ष के कौशल गुप्ता ने भी पदाधिकारी बनने की दावेदारी ठोंकी थी। इसीलिए कौशल पक्ष की ओर से चंद्रप्रकाश गुप्ता से रामलीला कमेटी के चंदे की जानकारी व आय-व्यय का हिसाब मांगा जा रहा था। 

चार साल के चंदे और पांच लाख के मुनाफे के हिसाब पर भिड़े दोनों पक्ष

एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि अमरिया कस्बे की रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सूरज गुप्ता सरिया-सीमेंट की दुकान चलाते हैं। कमेटी के सदस्य कौशल गुप्ता की गारमेंट्स की दुकान है। रामलीला मेले से हर साल करीब पांच लाख रुपये का मुनाफा होता था। इसी रकम का 9 अक्तूबर को रामलीला कमेटी की बैठक में कौशल गुप्ता ने पिछले करीब चार वर्षों के आय-व्यय और चंदे का हिसाब मांगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मतभेद चल रहे थे। हालांकि, इस विवाद के संबंध में पहले किसी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई थी। 

बैठक से लौटते समय मारपीट और फायरिंग

सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों पक्षों के कुछ लोग एक बरातघर में आयोजित बैठक से लौट रहे थे। इसी दौरान कस्बे में दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट होने लगी। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इसी दौरान कौशल गुप्ता पक्ष के संतोष गुप्ता ने अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की। घटना में अंकित गुप्ता, मोहित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव की मौत हो गई। रोज गुप्ता घायल हो गए जिनका बरेली में उपचार जारी है। 

तीन हत्याओं के बाद कस्बे में तनाव

घटना के वाद कस्बे में तनाव का माहौल है, पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। फिलाल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कौशल गुप्ता, उसके भाई हर्षित गुप्ता, पिता नरेश गुप्ता, चाचा संतोष गुप्ता और संतोष के बेटे रचित गुप्ता को हिरासत में लिया है। इनके अलावा राकेश अरोड़ा, आशु और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस सभी से पूछताछ कर घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

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