पिनाहट-उसैद घाट पर 4 महीने बाद पेंटून पुल शुरू हो

चार महीने बाद खुला पिनाहट-उसैद घाट पेंटून पुल, MP-UP के हजारों लोगों को मिली राहत

चार महीने बाद खुला पिनाहट-उसैद घाट पेंटून पुल

मुरैना: चंबल नदी ने चार महीने तक मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच आवागमन की राह रोके रखी, लेकिन अब इंतजार खत्म हो गया है। पिनाहट-उसैद घाट पर पेंटून पुल शुरू होते ही चंबल के दोनों किनारों के बीच फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। बुधवार सुबह से दोपहिया और चारपहिया वाहन पुल से गुजरने लगे। पुल चालू होने के साथ ही सीमावर्ती गांवों के हजारों लोगों को लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से राहत मिली है।

आगरा जाने वालों को मिलेगी बड़ी राहत

पेंटून पुल बंद होने और स्टीमर सेवा उपलब्ध नहीं होने से लोगों को चंबल पार करने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा था। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा था। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों तक अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च करना पड़ रहा था। अब पुल शुरू होने से यह परेशानी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है। पुल शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा आगरा की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। मुरैना और आसपास के क्षेत्रों से आगरा पहुंचने में करीब 120 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बच सकेगा। 

पुल शुरू होने से ग्वालियर का सफर भी होगा आसान

वहीं, पिनाहट से ग्वालियर जाने वाले यात्रियों को भी लगभग 150 किलोमीटर तक कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और कृषि उपज के परिवहन को भी गति मिलेगी। चंबल के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लोगों के लिए यह पुल केवल आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि रोजगार, कारोबार, रिश्तेदारी और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। चार महीने बाद पुल खुलने से एक बार फिर दोनों राज्यों के लोगों की आवाजाही आसान हो गई है। अब लोगों की निगाह इस बात पर रहेगी कि पुल कितने समय तक सुचारु रूप से संचालित रहता है। 

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