शाजापुर में देवी-देवताओं के चबूतरे को तोड़ा , ग्रामीणों में आक्रोश
शाजापुर ( मप्र ) । जिले के सलसलाई थाना क्षेत्र के मोदीपुर गांव में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक दबंग खेत मालिक द्वारा ग्राम आबादी की जमीन पर बने प्राचीन देवी-देवताओं के चबूतरे को जेसीबी चलाकर जमींदोज कर दिया गया। इस कृत्य से नाराज और आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पुलिस थाने और अनुविभागीय अधिकारी गुलाना को शिकायत आवेदन सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत की अनुमति से बने थे चबूतरे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त स्थान ग्राम आबादी क्षेत्र के अंतर्गत आता है और ग्राम पंचायत द्वारा बकायदा अनुमति दिए जाने के बाद ही वहां ग्रामीणों की आस्था के केंद्र देवी-देवताओं के चबूतरे का निर्माण कराया गया था। लेकिन पड़ोस के ही एक खेत मालिक ने कानून को पूरी तरह हाथ में लेते हुए, बिना किसी प्रशासनिक आदेश के वहां जेसीबी चलवा दी और चबूतरों को पूरी तरह से तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस हरकत से पूरी गाँव और क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
पहले भी दो बार कर चुका है ऐसी हरकत, पुलिस की सुस्ती पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि खेत मालिक का यह दुस्साहस पहली बार नहीं देखा गया है। इससे पहले भी वह दो बार इन चबूतरों को तोड़ने की घिनौनी हरकत कर चुका है। पूर्व में भी इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण आरोपी के हौसले बुलंद हो गए और उसने तीसरी बार इस वारदात को अंजाम दे डाला। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि अगर समय रहते पुलिस सख्त कदम उठाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
गांव में तनाव की स्थिति
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर सबसे पहले स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और आरोपी खेत मालिक के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय भी पहुंचा और उन्हें भी ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि यदि इस बार प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ रासुका या अन्य सख्त धाराओं में कार्रवाई नहीं की और चबूतरे का पुनर्गठन नहीं करवाया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों को उचित जांच और जल्द से जल्द वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है।
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