पीएम मोदी ने संत निरंजन दास से की भेंट, पंजाब विकास को लेकर गिनाईं उपलब्धियां
जालंधर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर दौरे के दौरान डेरा सचखंड बल्लन के आध्यात्मिक प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात की। उन्होंने आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक कल्याण में उनके योगदान की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया। एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, जालंधर में संत निरंजन दास जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक कल्याण में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।
प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों पर महत्वपूर्ण धार्मिक प्रतीक किए स्थापित
पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लन के गद्दी नशीन (आध्यात्मिक प्रमुख) संत निरंजन दास 1994 से रविदासिया समुदाय का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत एवं विदेश में इसकी आध्यात्मिक और सामाजिक उपस्थिति को व्यापक रूप से विस्तारित करने के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में डेरा ने शैक्षणिक संस्थान, सामुदायिक बुनियादी ढांचा और धर्मार्थ स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित की हैं। इसके साथ ही धार्मिक केंद्रों का विस्तार किया है और प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों पर महत्वपूर्ण धार्मिक प्रतीक स्थापित किए हैं।
पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट सहित 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य में राजनीतिक व्यवस्था चाहे जो भी हो, केंद्र सरकार पंजाब के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
विकास का जश्न मना रहा जालंधर
पीएम मोदी ने कहा, आज हमारा जालंधर विकास का जश्न मना रहा है। आज मुझे जिंद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करने का अवसर मिला। यहीं मुझे कुरुक्षेत्र में भव्य सिख संग्रहालय की आधारशिला रखने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। भले ही पंजाब में भाजपा की सरकार न हो, लेकिन पंजाब के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार राज्य की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मैं जालंधर के लोगों की विशेष रूप से करता हूं सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, मैं जालंधर के लोगों की विशेष रूप से सराहना करता हूं, जिन्होंने 'स्वच्छता के साथ स्वागत' पहल के माध्यम से इस कार्यक्रम को और भी सार्थक बनाया है। श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए सद्भाव और सामूहिक प्रयासों के संदेश को आप सभी ने साकार किया है।
(एएनआई)
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