पीएम श्री योजना के तहत पढ़ाई होगी बेहतर, 11.37 करोड़ से बच्चों को मिलेंगी लर्निंग किट और शिक्षा सामग्री
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। पीएम श्री योजना के तहत प्रदेश के प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक बच्चों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने 11.37 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है। इस राशि से विद्यार्थियों को स्टूडेंट लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का जोर गतिविधि आधारित शिक्षण और निपुण लक्ष्यों को हासिल करने के साथ कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने पर है।
कक्षा शिक्षण को संसाधनयुक्त बनाने पर जोर
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उपयोग और क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पहल के तहत पीएम श्री योजना के प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा-शिक्षण को संसाधनयुक्त बनाने और बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के अवसर देने पर जोर दिया गया है। साथ ही निपुण लक्ष्यों की दिशा में अधिगम को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
निपुण लक्ष्यों के अनुरूप तैयार होगी शिक्षण सामग्री
कक्षा 1 से 5 तक के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, तालिका पोस्टर, शिक्षण-अधिगम से संबंधित आईईसी सामग्री और साप्ताहिक आकलन ट्रैकर की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षकों को विषय और पाठ्य बिंदुओं के अनुरूप टीएलएम के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। सामग्री ऐसी रखने के निर्देश हैं, जिससे बच्चों को अवधारणाओं को समझने, अभ्यास करने और सीखने के विविध अवसर मिल सकें।
टीएलएम के लिए उपयोगी सामग्री की सूची जारी
टीएलएम के लिए कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, पेपर एडहेसिव, अबेकस, ग्लोब, भारत एवं विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, परिवहन तथा पशु-पक्षियों के चार्ट सहित विभिन्न सामग्री की सूची दी गई है। शिक्षण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य कक्षा शिक्षण में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
बच्चों को मिलेगी स्टूडेंट लर्निंग किट और डायरी
कक्षा 1 से 5 तक के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए स्टूडेंट लर्निंग किट की व्यवस्था की जाएगी। इसमें वर्कशीट, अभ्यास एवं गतिविधि आधारित सामग्री, रंगीन वर्कबुक, ड्राइंग शीट, ओरिगेमी पेपर, ऊन, रिबन और लर्निंग डाइस जैसी सामग्री शामिल होगी। विद्यार्थियों को स्टूडेंट डायरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अभिभावकों की उपस्थिति में पीटीएम के दौरान किट वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 अक्टूबर तक क्रय, 31 अक्टूबर तक तैयार होगी सामग्री
निर्देशों के अनुसार निपुण लक्ष्य, तालिका और आईईसी सामग्री को 15 अक्टूबर 2026 तक मुद्रित कर कक्षा में प्रदर्शित किया जाना है। टीएलएम निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय भी 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। शिक्षक 31 अक्टूबर तक टीएलएम तैयार करेंगे, जबकि स्टूडेंट डायरी भी 31 अक्टूबर तक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निपुण टीएलएम मेला उत्सव में दिखेगा नवाचार
ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें परिषदीय शिक्षक विभिन्न विषयों और अवधारणाओं पर विकसित उत्कृष्ट एवं नवाचारी टीएलएम का प्रदर्शन करेंगे। प्रभावी सामग्री को कक्षाओं में उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ अन्य विद्यालयों तक भी साझा किया जाएगा।
टीएलएम और लर्निंग किट के उपयोग की होगी निगरानी
टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी के प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा। सपोर्ट सुपरविजन, प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इनके क्रय एवं उपयोग की ट्रैकिंग भी की जाएगी।
निर्धारित मद में ही खर्च होगी धनराशि
स्वीकृत 11.37 करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही किया जाएगा। निर्देशों के तहत टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी की व्यवस्था तथा उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।
संदीप सिंह ने बताया सरकार की प्राथमिकता
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा, “पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सीखने के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी से बच्चों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी सीखने के अवसर मिलेंगे।”
मोनिका रानी ने प्रभावी उपयोग पर दिया जोर
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा, “टीएलएम का निर्माण पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप हो तथा उसका प्रभावी उपयोग कक्षा में सुनिश्चित किया जाए। लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और नवाचारी टीएलएम के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने पर जोर है।”
यह भी पढ़े: मिर्जापुर में दिव्यांग बच्चों के लिए बनेगा बचपन डे केयर सेंटर, 2 करोड़ की पहली किश्त जारी