राम मंदिर चंदा दुरुपयोग मामले में एफआईआर के बाद सियासत गरमाई, जांच और सख्ती की मांग तेज
अयोध्या, (उत्तर प्रदेश)। राम मंदिर में चंदे के दुरुपयोग से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अयोध्या के संतों की ओर से विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाने के बाद कई स्थानीय संतों और पुजारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है, कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर को मिले दान का दुरुपयोग किया है, तो उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग
एसआईटी की ओर से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर जहां कुछ लोगों ने जांच प्रक्रिया का स्वागत किया, वहीं कई संतों और धार्मिक नेताओं ने इसे और अधिक सख्ती से आगे बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
करपात्री महराज ने जां पर जताया असंतोष
करपात्री महाराज ने मौजूदा जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि उन्हें एसआईटी की कार्रवाई पर्याप्त नहीं लगती। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में और कड़े कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार से इस मामले में तेजी लाने की अपील
मामले के जल्द निस्तारण की मांग करते हुए साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच अभी जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरकार से इस मामले में तेजी लाने की अपील करते हुए कहा, कि दोषियों को ऐसी सख्त सजा मिलनी चाहिए, जो भविष्य के लिए एक मिसाल बने और कोई भी व्यक्ति धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में अनियमितता करने का साहस न कर सके।
आरोपियों के खिलाफ उठाए जाएंगे आवश्यक कदम
सरकारी कार्रवाई का समर्थन करते हुए सुग्रीव किला के पुजारी रामभवन पांडे ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया गया था। जांच पूरी होने के बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई, कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेशदास महाराज ने कहा कि मामले में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। उनका कहना था, कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और अंतिम फैसला अदालत को करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दी एफआईआर पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या राम मंदिर के कथित चंदा गबन मामले में दर्ज हुई एफआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों और दबाव के बाद ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। अजय राय ने नृपेंद्र मिश्रा, गोपाल राव, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर दान राशि के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। यह बयान उस समय आया, जब राम मंदिर को मिले दान के कथित गबन के मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि हुई।
भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। प्राथमिकी में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, तिन्नू यादव, मनीष यादव समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये के दान का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। इन आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 14 जून को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया।
सीबीआई की अगुवाई में एसआईटी गठित करने का अनुरोध
इस बीच, मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एक नई याचिका भी दायर की गई है, जिसमें अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ता ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज, कथित वित्तीय अनियमितताओं, दान राशि के संभावित दुरुपयोग और अन्य आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी अनुरोध किया गया है। (एएनआई)
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