बिहार में डॉयल 112 वाहनों का मेंटेनेंस समय पर नहीं

बिहार के औरंगाबाद में आपात सेवा की गाड़ियों का बुरा हाल, स्टार्ट करने में छूट रहे पसीने

धक्का मार कर स्टार्ट करना पड़ रहा वाहन

औरंगाबाद: बिहार में जब से डॉयल 112 वाहन लाया गया है, तभी से वह मानव जीवन रक्षा में अपनी भूमिका से वाहवाही बटोर रही है। सड़क हादसे, घरेलू विवाद, गांवों में छोटी-छोटी बातों पर हुए हिंसक झड़प में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाकर मदद की है। लेकिन, इन वाहनों का मेंटेनेंस समय पर नहीं होने से उनकी स्थिति खराब होती जा रही है। 

धक्का मार कर स्टार्ट करना पड़ रहा वाहन

ऐसा ही एक नजारा शुक्रवार की दोपहर सदर अस्पताल में देखने को मिला, जब सड़क हादसे में एक घायल मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचाने आई डॉयल 112 की गाड़ी लौटने के दौरान स्टार्ट ही नहीं हुई। काफी मशक्कत के बाद धक्का मारकर उसे स्टार्ट करना पड़ा। ऐसा नहीं कि यह घटना आज ही हुई है। डॉयल 112 वाहनों के ऐसे ही मामले हमेशा सामने आते रहते हैं। 

पुरानी हो चुकी है कई वाहनों की बैटरी

हाल ही में रिसियप थाने की डॉयल 112 वाहन की भी कुछ दिन पहले ऐसी ही दिखी। गाड़ियों की ऐसी के पीछे के कारणों का उल्लेख करते जानकार बताते है कि डॉयल 112 के कई वाहनों के बैटरी पुराने हो चुके है और बदले नहीं जाने के कारण ऐसी स्थिति सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में यदि गाड़ी रुकती है, तो उसे स्टार्ट करने में परेशानी होती है। लेकिन, जब वह स्टार्ट हो जाती है, तो तब तक बंद नहीं होती है, जब तक वह रनिंग पोजीशन में रहती है।