शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी समे

राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों से मुलाकात न होने पर चतुर्वेदी ने CEC को घेरा

ECI से मुलाकात पर प्रियंका चतुर्वेदी का सवाल

नई दिल्ली: शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए अन्य इंडिया ब्लॉक सांसदों से चुनाव आयोग के मुलाकात से इनकार पर सवाल उठाया है। राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए चतुर्वेदी ने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से जवाबदेही मांगने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों से मिलने से क्या रोक रहा है? 

जवाबदेही से क्यों बच रहा चुनाव आयोग

उन्होंने ANI से कहा, अगर निर्वाचित प्रतिनिधि और विपक्ष के नेता भारत के चुनाव आयोग, विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं, तो CEC को किस प्रकार का डर या आशंका है जो ऐसी मुलाकात को रोक रही है। चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों के संबंध में विपक्ष के आरोपों का जिक्र किया और कहा कि फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कई तथ्य सामने आ चुके हैं और विपक्ष जवाबदेही मांग रहा है तो चुनाव आयुक्त अपने पद पर क्यों बने हुए हैं। जब इतने सारे तथ्य सामने आ चुके हैं और विपक्ष शांतिपूर्ण मार्च निकालकर जवाबदेही की मांग कर रहा है, तो चुनाव आयुक्त क्यों छिप रहा है और उनसे मिलने से इनकार कर रहे हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि विपक्षी नेता जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और राहुल गांधी विपक्ष के नेता के पद पर हैं।

'विपक्ष से मिलना भी जरूरी नहीं, क्या यही नई मिसाल'

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार करना एक ऐसी मिसाल कायम करेगा, जहां संवैधानिक प्राधिकरण उनके प्रति जवाबदेह या उत्तरदायी नहीं होंगे। अगर वे शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेने वाले सांसदों के साथ आपसे मिलने की इच्छा व्यक्त करते हैं, तो क्या यह एक नई मिसाल की शुरुआत है जहां आप जवाबदेह या उत्तरदायी नहीं होंगे? जहां आप किसी भी सवाल का जवाब देने या विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार कर देंगे । चतुर्वेदी ने इसमें सरकार की भूमिका का भी आरोप लगाया और दावा किया कि यही कारण है कि चुनाव आयोग में बैठे लोगों को बिना जवाबदेही के संरक्षण और अधिकार प्राप्त हैं। यह स्पष्ट है कि सरकार इसमें भूमिका निभा रही है, इसीलिए उन्हें संरक्षण प्राप्त है। उनके पास इस तरह का अधिकार है जहां न तो उनकी जवाबदेही तय है और न ही जिम्मेदारी। 

शाम 4 बजे तक नहीं मांगा गया था मिलने का समय: ECI

इससे पहले भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राजनीतिक दल ने शाम 4 बजे तक चुनाव आयोग से मिलने का समय नहीं मांगा था, जब इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था। विपक्ष के विरोध के बाद जारी एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि उसे दिल्ली पुलिस से शाम करीब 4 बजे सूचना मिली कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लगभग 240 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहता है और संसद भवन के संलग्न परिसर में ज्ञापन सौंपना चाहता है। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने प्रस्तावित स्थान और बैठक के लिए अनुरोध करने के तरीके को अपने स्थापित प्रोटोकॉल के मद्देनजर असामान्य माना। 

(इनपुट: ANI)

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