अनुचित चुनाव होने देने के लिए सीईसी पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए: प्रियंका गांधी वाड्रा
वायनाड (केरलम)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को मांग की कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर कथित तौर पर जानबूझकर अनुचित चुनाव होने देने के लिए देशद्रोह के अपराध में आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। प्रियंका ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जो भी व्यक्ति चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देशद्रोह कर रहा है। कांग्रेस की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद ने कहा कि हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है और अगर उस पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने गैरकानूनी काम किया है, तो उसे उस तरह की कानूनी सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए, जैसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को मिली हुई है।
लोकतंत्र के खिलाफ आपराधिक कृत्य का दावा
उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में छेड़छाड़ करना और उसमें से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य है। उन्होंने सवाल किया कि जब आपराधिक कृत्य कानून के तहत आम तौर पर लोगों पर मुकदमा चलाया जाता है तो सीईसी को इससे सुरक्षा क्यों मिलनी चाहिए। प्रियंका ने कहा कि अगर सीईसी ने कोई गैरकानूनी कृत्य किया है, तो उन्हें पूरी तरह पता था कि उनकी नाक के नीचे यह सब हो रहा है और उनके सहयोगियों द्वारा इस मामले को संज्ञान में लाए जाने के बावजूद उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।
निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और मीडिया रिपोर्ट
एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत नाम हटाए जाने से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी और निर्णय प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत सामने आना सामान्य प्रक्रिया है और उसके सभी आदेश पिछले एक वर्ष में आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों का परिणाम हैं। प्रियंका ने बुधवार को भी कहा था कि अगर कुमार को चुनाव में धांधली की जानकारी थी और उन्होंने ऐसा होने दिया, तो यह राष्ट्र के साथ विश्वासघात है।
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