कन्नूर में 18 महीने के बच्चे की मौत मामले में जांच शुरू, डीएमओ करेंगे पड़ताल; पुलिस में शिकायत दर्ज
तिरुवनंतपुरम,(केरल)। केरल के मंत्री के. मुरलीधरन ने शनिवार को बताया कि कन्नूर में 18 महीने के बच्चे की मौत के मामले की जांच जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) करेंगे। आरोप है कि होंठ पर चोट के इलाज के लिए टांके लगाने से पहले दिए गए एनेस्थीसिया के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी।
मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज
मंत्री ने कहा कि मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निजी होने के बावजूद इस तरह की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसकी पूरी जांच जरूरी है। मुरलीधरन का यह बयान उस समय आया जब कन्नूर सरकारी मेडिकल कॉलेज में बच्चे देवांश शौरी के शव का पोस्टमार्टम पूरा किया गया। देवांश की शुक्रवार रात कन्नूर स्थित बेबी मेमोरियल अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, होंठ पर लगी चोट के इलाज के दौरान उसे एनेस्थीसिया दिया गया था, जिसके बाद उसकी स्थिति गंभीर हो गई और वह करीब पांच दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा।
पय्यानूर स्थित बेबी मेमोरियल अस्पताल की घटना
देवांश, एरामम-कुट्टूर ग्राम पंचायत के मथमंगलम निवासी टी. सूरज और विजिषा का इकलौता बेटा था। 5 जुलाई को घर में खेलते समय गिरने से उसके होंठ पर चोट लग गई थी। इसके बाद माता-पिता उसे पय्यानूर स्थित बेबी मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने घाव पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिया। परिजनों के मुताबिक, टांके लगाने के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत खराब हो गई और वह बेहोश हो गया। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल की कन्नूर यूनिट में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार रात करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई।
मामले में सख्त कार्रवाई की मांग
बच्चे के रिश्तेदार के. राजीव की शिकायत पर पय्यानूर पुलिस ने अस्पताल की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अंजली पोडुवल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो ऐसे कृत्यों से संबंधित है जिनसे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस घटना के बाद डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने पय्यानूर स्थित बेबी मेमोरियल अस्पताल तक विरोध मार्च निकाला और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
एनेस्थीसिया देने के तुरंत बाद बच्चे को आया अचानक कार्डियक अरेस्ट
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि एनेस्थीसिया देने के तुरंत बाद बच्चे को अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया और बेहतर इलाज के लिए कन्नूर यूनिट में स्थानांतरित किया गया। अस्पताल का कहना है कि सभी निर्धारित चिकित्सा प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, हालांकि एनेस्थीसिया के बाद कुछ दुर्लभ जटिलताएं हो सकती हैं। मामले की जांच जारी है। (एएनआई)
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