बाराबंकी में लेखपालों का धरना-प्रदर्शन, मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ रामनगर के तत्वावधान में शनिवार को तहसील परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन किया गया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष चंदन रावत की अगुवाई में तहसील के सभी लेखपाल आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार करने के साथ ही समस्त ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया।
कई मांगों को लेकर लेखपालों ने खोला मोर्चा
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपालों की विभिन्न समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन कई बार मांग उठाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया। प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की विसंगति दूर करना, वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण शुरू करना, लेखपालों को उनके पद के अनुरूप सुविधाएं एवं भत्ते प्रदान करना, परिषदीय प्रक्रिया के बाद एक ही पटल पर कार्यरत लेखपालों का स्थानांतरण सुनिश्चित करना और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्य से लेखपालों को अवमुक्त करना शामिल है।
परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण में देरी पर भी जताई नाराजगी
लेखपालों ने बताया कि करीब पांच वर्षों से उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया गया है। तकनीकी कार्य लेने के बावजूद तकनीकी पद घोषित नहीं किए गए हैं। ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में भी लेखपालों से लगातार कार्य कराया जा रहा है। संघ ने सुरक्षा व्यवस्था और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई। अध्यक्ष चंदन रावत ने बताया कि पिछले एक साल से तहसील स्तर पर लेखपालों के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं और न ही स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है।
24 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर होगा बड़ा प्रदर्शन
आंदोलन के अगले चरण में थाना दिवस पर लेखपाल काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। 17 अक्टूबर को तहसील मुख्यालय पर पुनः धरना-प्रदर्शन होगा, जबकि 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। लेखपाल संघ ने मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
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