पुणे इमारत हादसा: मलबे में मीथेन गैस और कम ऑक्सीजन से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण, लापता लोगों की तलाश जारी
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे के मोशी इलाके में ढही इमारत के मलबे में फंसे लोगों की तलाश लगातार दूसरे दिन भी जारी है। बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सेना, अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।
मीथेन गैस और कम ऑक्सीजन बनी बड़ी चुनौती
पिंपरी-चिंचवड अग्निशमन विभाग के उप अग्निशमन अधिकारी दिलीप गायकवाड़ ने बताया कि मलबे के भीतर मीथेन गैस का स्तर अधिक है और ऑक्सीजन की मात्रा लगातार कम हो रही है, जिससे बचाव अभियान और कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने अब तक प्रतिक्रिया देने वाले सभी जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि बेहोश या लापता लोगों की तलाश जारी है।
मलबे तक पहुंचने के लिए काटा गया स्लैब
गायकवाड़ ने बताया कि भूस्खलन के कारण जमा हुए मलबे से इमारत का पिछला हिस्सा ऊपर उठ गया था। ऐसे में बचाव दल ने स्लैब को काटकर त्रिकोणीय आकार का रास्ता बनाया, जिसके जरिए अंदर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन से पांच लोग बचाव दल के पहुंचने से पहले ही खुद बाहर निकल आए थे। गायकवाड़ ने कहा, "हमारे पास 17 लोगों की सूची थी। उनमें से नौ को बचा लिया गया है। तीन से पांच लोग खुद बाहर आ गए थे। जो लोग अब भी अंदर हैं, उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हमने लगातार कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।"
अस्थिर ढांचे के कारण बढ़ी मुश्किलें
उन्होंने बताया कि इमारत का ढांचा अस्थिर होने के कारण एक तरफ से प्रवेश करना जोखिम भरा था। इसलिए ऊपर उठे हिस्से को काटकर नया प्रवेश मार्ग बनाया गया। अब जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, जिससे बचाव दल पहले की तुलना में अधिक गहराई तक पहुंच पा रहा है। मलबा हटने के बाद पूरी इमारत की दोबारा तलाशी ली जाएगी।
डीसीपी ने दी बचाव अभियान की जानकारी
पुणे के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गणेश इंगले ने बताया कि बुधवार दोपहर से लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हमें 16 से 17 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। नौ लोगों को बचा लिया गया है। संभवतः छह या सात लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। कचरे का बड़ा ढेर बचाव कार्य में बाधा बन रहा है।"
विशेष उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद
एनडीआरएफ की पांचवीं बटालियन ने बताया कि कमांडेंट एस.बी. सिंह के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट प्रवीण धात की निगरानी में विशेष खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पूरी रात विशेष उपकरणों और तकनीकी खोज तकनीकों की मदद से पीड़ितों का पता लगाने की कोशिश की गई।
भारी बारिश के बाद हुआ हादसा
यह हादसा भारी बारिश के बाद मोशी स्थित नगर निगम के अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्र की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत पर कचरे का बड़ा ढेर गिरने से हुआ, जिससे कई लोग मलबे में फंस गए। इस बीच, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून का असर जारी है। पश्चिमी रेलवे के अनुसार चर्चगेट-दहानू रोड और माहिम-गोरेगांव हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और उपनगरों में बादल छाए रहने, रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
(एएनआई)
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