पुणे के दौंड तालुका में अवैध लिंग निर्धारण और कन्य

पुणे कन्या भ्रूण हत्या कांड: SIT को मिली बड़ी कामयाबी, डॉक्टर सहित दो और मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुणे (महाराष्ट्र): पुणे जिले के यवत पुलिस स्टेशन क्षेत्र में चल रहे अवैध प्रसवपूर्व लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या रैकेट के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुख्ता और कानूनी रूप से मान्य सबूतों के आधार पर की गई इन गिरफ्तारियों के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

यवत पुलिस स्टेशन के प्रभारी और SIT प्रमुख पुलिस निरीक्षक संतोष तसगांवकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुणे के दौंड तालुका स्थित परगांव के मंगलमूर्ति अस्पताल से जुड़े सुमंत तुकाराम शितोले और वासुंदे निवासी एजेंट बापूराव पंढरीनाथ जांबाले के रूप में हुई है।

अस्पताल में होता था अवैध गर्भपात, एजेंट सप्लाई करता था दवाएं

जांच के अनुसार, इस रैकेट का मुख्य आरोपी अन्नासाहेब गिरि गर्भवती महिलाओं का अवैध लिंग निर्धारण करता था। इसके बाद उन महिलाओं को परगांव के मंगलमूर्ति अस्पताल लाया जाता था, जहाँ डॉ. शितोले कथित तौर पर अवैध गर्भपात (कन्या भ्रूण हत्या) की प्रक्रिया को अंजाम देता था। वहीं, दूसरा आरोपी बापूराव जांबाले इस गिरोह में एजेंट के रूप में सक्रिय था, जो मुख्य आरोपी को गर्भपात के लिए आवश्यक प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाएं तथा इंजेक्शन सप्लाई करता था।

अब तक 9 गिरफ्तार, दो डॉक्टर अब भी फरार

इस संवेदनशील रैकेट में अब तक कुल 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना अन्नासाहेब गिरि, डॉ. अतुल जाधव, डॉ. संगीता गायकवाड़ और हाल ही में पकड़े गए डॉ. शितोले व बापूराव शामिल हैं। हालांकि, गिरोह से जुड़े दो डॉक्टर (भोर तालुका के किकवी निवासी डॉ मंदार माली और उरुली कंचन निवासी सुंदरम कदम) अब भी फरार हैं। पुलिस टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। यह पूरा ऑपरेशन पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अत्यंत गोपनीय और पेशेवर तरीके से चलाया जा रहा है।