पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस आरोपियों

केतन अग्रवाल हत्याकांड: क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए आरोपी सिया और चेतन को लोहागढ़ किले ले गई पुणे पुलिस

आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल

पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार को दोनों मुख्य आरोपियों (सिया गोयल और चेतन चौधरी) को लोहागढ़ किले ले जाया गया। पुणे ग्रामीण पुलिस ने अपराध के दृश्यों का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया, जहां कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देकर मार दिया गया था।

लोहागढ़ में क्राइम सीन रीक्रिएशन 

पुणे ग्रामीण पुलिस एसपी संदीप सिंह गिल ने कहा, 'आरोपियों को घटनास्थल पर विशेष रूप से लोहागढ़ किले ले जाया गया है, ताकि घटनास्थल का नाट्य रूपांतरण किया जा सके। घटनाक्रम को दोबारा दोहराया जा रहा है। किस मार्ग से गए, आरोपियों की स्थिति, खास क्रियाएं और घटना कैसे घटी? आरोपियों से इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली जा रही है।" ताकि घटनाक्रम और वारदात को अंजाम देने के तरीके को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

चेतन की दोपहिया गाड़ी जब्त, हुडी और हेडफोन की फोरेंसिक जांच

लोनावला ग्रामीण पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन ने पुणे से लोहागढ़ किले तक यात्रा करने के लिए कथित तौर पर जिस दोपहिया वाहन का इस्तेमाल किया था, उसे जब्त कर लिया गया है। साथ ही घटना वाले दिन उसके पहने हुडी और हेडफोन भी बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई गई है। 

18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद हुई थी केतन अग्रवाल की मौत 

बताया जा रहा है कि केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया है कि मंगेतर सिया गोयल परिवार के दबाव में शादी कर रही थी, जिसके बाद उसने अपने दोस्त चेतन के साथ मिलकर केतन को चट्टान से धक्का दे दिया। 

29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं सिया गोयल और चेतन चौधरी

केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था और आगे की जांच जारी रहने तक वे 29 जून तक सात दिन की पुलिस हिरासत में हैं। इससे पहले, मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल और पूजा गोयल पूछताछ के लिए लोनावला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

प्रदेश सरकार ने सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को दी है मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी दे दी है और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। यह निर्णय पीड़ित के पिता द्वारा पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात और मामले में त्वरित न्याय की अपील के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की सुनवाई त्वरित गति से की जाएगी।