परगट सिंह ने संभाली पंजाब कांग्रेस की कमान, सचिन पायलट संग हरमंदिर साहिब में टेका माथा
अमृतसर (पंजाब)। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और पार्टी के पंजाब प्रभारी एवं महासचिव सचिन पायलट ने गुरुवार को अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) और दुर्गियाना मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुए इस महत्वपूर्ण धार्मिक दौरे को राज्य में कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और संगठन को एकजुट करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक चर्चा से परहेज, सिर्फ गुरु का आशीर्वाद
दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा पूरी तरह से धार्मिक था और वे केवल गुरु साहिब का आशीर्वाद लेने आए हैं।
परगट सिंह ने कहा, "आज, हम यहां सिर्फ गुरु साहिब को धन्यवाद देने आए हैं। जिन पवित्र द्वारों पर हम खड़े हैं, उन्होंने कभी हमलावरों और नफरत की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया। हम राजनीति भी करेंगे, लेकिन एक-दो दिन बाद, क्योंकि यह स्थान इसके लिए उचित नहीं है। हम यहां पूरी तरह से गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने आए हैं।"
इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर में भी जाकर माथा टेका।
संगठन को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता: सिंगला
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला ने कहा कि पूरी कांग्रेस लीडरशिप गुरु का आशीर्वाद लेने श्री हरमंदिर साहिब आई है और यह दौरा पार्टी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और भविष्य में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपने नाम की चर्चा पर सिंगला ने दो टूक कहा कि वह पार्टी के एक अनुशासित सिपाही हैं और उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया है। अब यह जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंपी गई है और पूरी पार्टी उनके नेतृत्व में एकजुट है।
उन्होंने मीडिया से कहा, "मैं एक पार्टी का सिपाही हूं। मैंने पहले भी कहा था और आज भी कह रहा हूं कि जहां भी पार्टी ने देश भर में जिम्मेदारियां दी हैं, हमने मिलकर काम किया है। आज परगट सिंह जी को पंजाब की कमान सौंपी गई है और पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।"
राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी एकजुट
पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और मतभेदों के सवाल पर सिंगला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से एकजुट रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि नेताओं के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन जब बात पार्टी की प्रगति, राहुल गांधी के नेतृत्व और पंजाब के विकास की आती है, तो सभी नेता एक मंच पर होते हैं।
उन्होंने कहा, "यह आपके सामने है; हम पूरी कांग्रेस पार्टी पहले भी साथ थे, आज भी साथ हैं और भविष्य में भी पूरी मजबूती से साथ रहेंगे। नेतृत्व में कोई मतभेद नहीं है, जब पार्टी की बात आती है तो पूरी लीडरशिप एक साथ काम करती है।"
विपक्ष पर साधा निशाना, अकाली दल के दावे पर पलटवार
आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए सिंगला ने कहा कि नई टीम सामूहिक रूप से काम करते हुए पार्टी को मजबूत करेगी। वहीं, विपक्ष के "25 साल के कॉन्ट्रैक्ट" वाले बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती।
उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजा वारिंग के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, "अकाली दल के नेताओं ने कभी 25 साल तक सत्ता में रहने का दावा किया था, लेकिन सत्ता किसी को हमेशा के लिए लीज पर नहीं मिलती। राजा वारिंग ने करीब साढ़े चार साल तक निष्ठा से काम किया और अब यह जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंपी गई है।"
सिंगला ने अंत में विश्वास जताया कि पंजाब के मेहनतकश लोगों के समर्थन से कांग्रेस आगामी चुनावों में शानदार वापसी करेगी और प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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