शाजापुर में दबंग सरपंच पर युवक से मारपीट का आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
शाजापुर,(मध्य प्रदेश)। शाजापुर जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ताजा मामला जिले कि जनपद पंचायत सुजालपुर अंतर्गत अकोदिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत ऊंचोद का सामने आया है जहां दबंग सरपंच ओम प्रकाश सक्सेना के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने कानून और खाकी दोनों को ताक पर रखकर नरेन्द पांचाल नामक युवक के साथ सरेआम मारपीट की।
पूरी घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहे प्रधान आरक्षक
सबसे शर्मनाक और चिंताजनक पहलू यह रहा कि इस पूरी घटना के दौरान मौके पर मौजूद प्रधान आरक्षक सोनू जायसवाल पूरी तरह मूकदर्शक बने रहे और उन्होंने दबंग सरपंच को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान दबंग सरपंच ने बेखौफ होकर युवक पर हमला कर दिया।
पुलिसकर्मी ने तमाशबीन की भूमिका निभाई
हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल पर पुलिस बल के रूप में प्रधान आरक्षक सोनू जायसवाल और दो पुलिस करमी और ड्यूटी पर मौजूद थे। इसके बावजूद, खाकी की मौजूदगी का खौफ दिखाने के बजाय पुलिसकर्मी ने तमाशबीन की भूमिका निभाई। इस प्रकार की निष्क्रियता ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर कुछ दबंगों को कानून का कोई डर नहीं है।
स्थानीय नागरिकों और युवाओं में भारी रोष
इस सनसनीखेज घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब आम जनता की रक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी ही अपराधियों के सामने इस तरह लाचार या उदासीन नजर आएंगे, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? इस घटना ने शाजापुर पुलिस प्रशासन की साख को बड़ा झटका दिया है।
सरपंच के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं
मामले मे थाना प्रभारी संजय सिंह राजपूत ने बताया कि तहसीलदार द्वारा पुलिस बल की मांग किए जाने पर दो पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सरपंच द्वारा युवक के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी। इस संबंध में जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। थाना प्रभारी ने कहा, "आप वीडियो भेजिए,और सरपंच के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
यह भी पढ़ेंः आगरा में घरेलू कामगार बनकर आई महिला ने उड़ाए लाखों के गहने, CCTV से खुला राज