कोलकाता में इन दिनों एक अलग ही जंग शुरू हो गई है.

कोलकाता में पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने के लिए शुरू हुई जंग

TMC

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): शुक्रवार को पार्टी के महानगर कार्यालय के बाहर सीआरपीएफ और कोलकाता पुलिस की भारी तैनाती के बाद तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह और ज्यादा बढ़ गई. यह घेराबंदी तब हुई जब विपक्ष की नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक बागी गुट ने मुख्यालय पर कब्जा कर लिया. 

कब हुई पूरा घटना 

यह घटना बागी गुट द्वारा नई दिल्ली में चुनाव आयोग को याचिका देने के एक दिन बाद हुई, जिसमें 28 साल पुरानी पार्टी के नाम, निधि और दो पुष्पों के चिन्ह पर अपना दावा जताया गया था. फिरहाद हकीम, जावेद खान और अखरूज्जमान के साथ बनर्जी ने ईएम बाईपास स्थित कार्यालय में प्रवेश किया, जो 2022 से पार्टी का मुख्य केंद्र रहा है, और अपना नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया. बागियों ने साइनबोर्ड बदल दिए और एक बैनर लगा दिया, जिसमें ममता बनर्जी के स्थान पर वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष घोषित किया गया था. 

"यह हमारा पार्टी कार्यालय है और यह हमारा ही रहेगा"

गुट ने कहा कि भवन का पट्टा खत्म हो गया था. उनकी कार्यकारी समिति के तहत एक नया समझौता किया गया था. विधायक अखरुज्जमान ने कहा, “यह हमारा पार्टी कार्यालय है और यह हमारा ही रहेगा. मुख्य दरवाजे की चाबी हमारे पास ही रहेगी.” उन्होंने आगे कहा कि वे ममता बनर्जी की प्रदर्शित तस्वीरों का सम्मान करते हैं, जबकि अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को अस्वीकार करते हैं. 

वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

इस नाटकीय घटना से ममता बनर्जी के समर्थकों में तुरंत आक्रोश फैल गया, जिसके चलते वरिष्ठ नेता सड़कों पर उतर आए और पुलिस में आपातकालीन शिकायतें दर्ज कराईं. पार्टी के दिग्गज नेताओं ने बारी-बारी से बागी कार्रवाई की निंदा करते हुए तीखी बयानबाजी शुरू कर दी. वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सीआरपीएफ कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर बागियों की ढाल का काम कर रही है.   मित्रा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुआ कहा...

वहीं, मित्रा ने आरोप लगाया, “बंगाल में हमारे कम से कम एक लाख पार्टी कार्यालय फिलहाल बंद हैं और हमारे सदस्यों को उत्पीड़न, गुंडागर्दी और पुलिस हमलों का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा से कोई भी उनकी सुरक्षा के लिए नहीं गया.” उन्होंने दावा किया कि अलग हुआ गुट भगवा पार्टी की “बी-टीम” के रूप में मिलीभगत कर काम कर रहा है. 

अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पार्टी कार्यालय में जबरन किया प्रवेश 

इनके अलावा प्रमुख वकील और टीएमसी नेता बैसवानोर चट्टोपाध्याय ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कार्यलय पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा, "निष्कासित किए गए सदस्यों ने अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जबरन पार्टी कार्यालय में प्रवेश किया. उन्होंने कहा कि इस कार्यालय पर ममता बनर्जी का चिन्ह और चेहरा है. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की पहचान सिर्फ उनके चेहरे से है.

"खेल तुमने शुरू किया खत्म हम करेंगे"

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए विपक्ष को "अपराधी घुसपैठिया" करार दिया. बनर्जी ने असंतुष्टों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "सिर्फ इसलिए कि कुछ गुंडों ने पार्टी बना ली है, क्या हमें इसे स्वीकार कर लेना चाहिए? खेल की शुरुआत तुमने की है, लेकिन इसे हम खत्म करेंगे. हम इसे दो मोर्चों पर साबित करेंगे: कानून की अदालत में और जनता की अदालत में.

कोलकाता पुलिस द्वारा भवन के आधिकारिक स्वामित्व और पट्टे के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही नियमित राजनीतिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे तत्काल राजनीतिक गलियारा नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के समर्थकों और ऋतब्रता बनर्जी गुट दोनों को 6 जुलाई को शाम 5:30 बजे तक अपने व्यापक संगठनात्मक दावे और प्रतिदावे प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. 

(एएनआई)

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