औरंगाबाद के ओबरा में RAF का मॉक ड्रिल अभ्यास, दंगा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का किया प्रदर्शन
औरंगाबाद (बिहार)। आपात स्थिति और दंगा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए डी/114 द्रुत कार्य बल (RAF) ने ओबरा में अपना दमखम दिखाया। ओबरा थाना पुलिस के साथ मिलकर RAF ने मंगलवार को महा-ऑपरेशन के तहत संयुक्त मॉक ड्रिल अभ्यास किया। इस दौरान जवानों ने भीड़ को घेरने, काबू करने और सुरक्षित निकासी तक की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो किया।
उप कमांडेंट दुर्गा नंदन श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुआ संयुक्त अभ्यास
यह अभ्यास समवाय अधिकारी दुर्गा नंदन श्रीवास्तव, उप कमांडेंट के नेतृत्व में किया गया। अभ्यास में सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार, अधीनस्थ अधिकारी और 114वीं वाहिनी के बड़ी संख्या में जवान शामिल हुए। ओबरा थाना पुलिस बल के जवान भी इस जॉइंट ऑपरेशन का हिस्सा बने।
दंगा नियंत्रण से लेकर सुरक्षित निकासी तक जवानों ने किया मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल के दौरान जवानों ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत कई चरणों में अभ्यास किया। पहले संवेदनशील इलाके की पहचान कर घेराबंदी की गई, फिर उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। जवानों ने दंगाइयों को काबू करने, क्षेत्र को सुरक्षित करने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
पुलिस और RAF के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया पर दिया गया जोर
इस दौरान पुलिस और RAF के बीच बेहतर तालमेल और संचार व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। किसी भी आपात स्थिति में घटनास्थल तक तेजी से पहुंचने, स्थिति का आकलन करने और त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के नियमित अभ्यास से जवानों की तत्परता बनी रहती है। वास्तविक परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभ्यास बेहद जरूरी है। इस संयुक्त अभ्यास से जिला पुलिस और RAF के बीच समन्वय और मजबूत हुआ है।
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