सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के ‘चलो दिल्ली’ मार्

राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को चाय पर बुलाया, बोले- ‘लोकतंत्र की रक्षा’ का आंदोलन जारी रहेगा

Rahul Gandhi Invites Opposition Leaders for Tea, Says ‘Save Democracy’ Movement Will Continue

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के ‘चलो दिल्ली’ मार्च के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि ‘लोकतंत्र की रक्षा’ का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने नागरिक समाज, छात्र संगठनों और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ-साथ विपक्षी सांसदों को आज चाय पर आमंत्रित किया है, जिसके बाद वे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी एक साथ हैं। गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट किया, “आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के साथियों को अपने घर पर चाय पर आमंत्रित किया है। लोकतंत्र की रक्षा के इस जन आंदोलन में हम सभी एक साथ हैं और यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “चाय के बाद, हम सभी एक साथ आएंगे और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे। सभी विरोध प्रदर्शन एक हैं।”

एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विपक्ष

यह घटनाक्रम राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों द्वारा बाराखंबा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के बाद सामने आया है। इसके बाद सोमवार को 11 विपक्षी नेताओं ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित चुनाव आयोग के निर्णयों को चुनौती दी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर याचिका में 14 खामियों को चिह्नित किया है।

याचिका में विपक्ष के 11 नेता शामिल

इस याचिका में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहलुओं को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, सीपीआई (एम) सांसद एमए बेबी, सीपीआई नेता डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ मांझी, एनसीपी (एससीपी) सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीन अधिकारियों को पक्षकार बनाने पर सवाल

गौरतलब है कि रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह स्पष्टीकरण भी मांगा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी को याचिका में प्रतिवादी क्यों बनाया गया है। यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका के संदर्भ में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि वे एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के प्रयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर रहे हैं। उन्होंने अन्य राहतों के साथ-साथ मतदाता सूची संशोधन से संबंधित निर्णय लेने और उन्हें लागू करने के तरीके की जांच की मांग की है।

(एएनआई)

ये भी पढ़ें: 'धक्का दिया, सीढ़ियों पर गिर पड़ी': पत्रकार ऋचा पाराशर का राहुल गांधी पर दुर्व्यवहार का आरोप