विरोध मार्च के बाद राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को चाय पर बुलाया, SIR पर अगले कदम की तैयारी
नई दिल्ली: नई दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च के एक दिन बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया। इस मुलाकात में चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की कार्रवाई और विपक्ष की आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद विपक्ष की बैठक
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया। मार्च के बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने SIR से संबंधित चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद विपक्षी दल अब आगे की रणनीति तय करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं।
न्यायपालिका पर पूरा भरोसा: पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और इसी विश्वास के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया है। उन्होंने SIR से जुड़े फैसलों पर असहमति जताते हुए कहा कि विपक्ष इन कदमों को गलत मानता है। खेड़ा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष हर संभव प्रयास करेगा।
अगले कदम पर इंडिया ब्लॉक में मंथन
पवन खेड़ा के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दल अगली कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संस्थागत भ्रष्टाचार और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सवालों का जवाब देने में असमर्थ है। खेड़ा ने कहा कि विपक्ष अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। हालांकि, उन्होंने आगे की कार्रवाई के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी और कहा कि उचित समय पर अगला कदम घोषित किया जाएगा।
मनीष तिवारी ने रखीं दो मांगें
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR विवाद को लेकर विपक्ष की दो प्रमुख मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा मतदाता सूची को रद्द करके 2024 की मतदाता सूची बहाल की जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा- संघर्ष जारी रहेगा
इससे पहले राहुल गांधी ने विरोध मार्च में शामिल विपक्षी नेताओं और समर्थकों का आभार जताया था। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना था कि जनता डरने वाली नहीं है और विपक्ष अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को डराने और दबाव में लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अलग-अलग दलों का विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर किया जा रहा आंदोलन है।
चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर नजर
SIR को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता जा रहा है। विपक्षी दल जहां मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया गया है। अब राहुल गांधी के आवास पर होने वाली बैठक और इंडिया ब्लॉक की ओर से घोषित किए जाने वाले अगले कदम पर नजर रहेगी।
(एएनआई)
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