राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत

राहुल गांधी का हमला: धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक

Rahul Gandhi Targets Dharmendra Pradhan

नई दिल्ली [भारत]: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों द्वारा पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि वे हमेशा "भ्रष्टाचार" और "भारत की बर्बाद शिक्षा व्यवस्था" के प्रतीक बने रहेंगे।

'प्रधान का सम्मान, छात्रों के भविष्य का अपमान'

X पर एक पोस्ट में गांधी ने आरोप लगाया कि संसद में धर्मेंद्र प्रधान का अभिनंदन करना लाखों छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का जश्न मनाने जैसा है। गांधी ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद शिक्षा प्रणाली के प्रतीक हैं और हमेशा बने रहेंगे। इसी प्रणाली ने 26 बच्चों की जान ले ली और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया। उनका इस्तीफा नैतिकता से प्रेरित नहीं था, बल्कि युवाओं के गुस्से के डर से मजबूरन लिया गया था। और आज भाजपा उसी व्यक्ति को संसद के अंदर माला पहना रही है। यह सम्मान नहीं है, यह लाखों बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने का जश्न है। देश का हर छात्र इसे देख रहा है और वे इसमें शामिल हर चेहरे को याद रखेंगे।"

भाजपा सांसदों ने संसद में किया स्वागत

राहुल गांधी की यह टिप्पणी उस समय आई जब भाजपा और एनडीए सांसदों ने संसद पहुंचने पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के नारों के साथ स्वागत किया और उनका अभिनंदन किया।

NEET विवाद के बाद दिया था इस्तीफा

कथित NEET परीक्षा पेपर लीक और देश की परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उपायों को और मजबूत करना है। छात्रों द्वारा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधारों की मांग को लेकर हफ्तों तक चले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधान ने इस्तीफा दिया और इसके बाद यह संशोधन विधेयक पेश किया गया। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए कई कदमों की घोषणा की है, जबकि विपक्षी दल परीक्षा विवाद, छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और जवाबदेही के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहे हैं।

ANI

यह भी पढ़े: NEET छात्रा का बड़ा आरोप, 165 सवाल हल किए लेकिन OMR में दिखे सिर्फ 41