रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी, दक्षिण मध्य रेलवे के तकनीशियन पर सीबीआई का केस
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक तकनीशियन और अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला और उसके बेटे से 20 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
रेलवे में नौकरी दिलाने का दिया था झांसा
विशाखापत्तनम स्थित सीबीआई भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की एफआईआर के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान विजयवाड़ा डिवीजन के अंतर्गत मछलीपटनम स्थित कैरिज एंड वैगन डिपो में तैनात टेक्नीशियन ग्रेड-1 मोगनाती किशोर कुमार के रूप में हुई है।
2021 से 2025 के बीच लिए 20 लाख रुपये
सीबीआई ने पश्चिम गोदावरी जिले की निवासी कुनाधराजू नागा पद्मा की शिकायत और रेल मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद जांच शुरू की। शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2021 में आरोपी ने महिला को रेलवे आरक्षण काउंटर पर नौकरी और उनके बेटे अच्युत वर्मा को टिकट कलेक्टर (टीसी) की नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन दिया। आरोप है कि वर्ष 2021 से नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने कुल 20 लाख रुपये वसूले, जिनमें 12 लाख रुपये फोनपे के जरिए और 8 लाख रुपये नकद लिए गए।
फर्जी दस्तावेज बनाकर करता रहा गुमराह
आरोप है कि पीड़ितों का भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपी ने चयन परीक्षा परिणाम और रेलवे के कई फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें यह विश्वास दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बाद में दस्तावेजों की जांच करने पर उनके फर्जी होने का खुलासा हुआ।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई
रेलवे बोर्ड से वैधानिक अनुमति मिलने के बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ANI
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