देहरादून-टिहरी-पौड़ी में रेड अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने की समीक्षा
देहरादून (उत्तराखंड)। देहरादून में शनिवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने पूरे दिन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर प्रदेश में जारी बारिश की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर वर्षा, मौजूदा स्थिति और संभावित चुनौतियों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जनपदों से निरंतर फीडबैक लिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भी लिया बारिश और आपदा प्रबंधन का अपडेट
विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेश में बारिश की स्थिति और तैयारियों के संबंध में अपडेट लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सभी जनपदों और संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी टीमें और अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश
सचिव आपदा प्रबंधन ने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित स्थलों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को सक्रिय रखने और किसी भी घटना की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने को कहा गया है।
आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव टीमों को तत्काल रवाना करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
27 सितंबर को तीन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा 27 सितंबर के लिए जारी चेतावनी को देखते हुए सभी जनपदों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष सभी जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
अधिकारियों को मौसम की चेतावनी के अनुरूप फील्ड स्तर पर आवश्यक तैयारियां बनाए रखने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों के आसपास आवाजाही पर निगरानी
बारिश के दौरान नदी-नालों और गदेरों के आसपास अनावश्यक आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति के संबंध में लगातार जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत और बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
विनोद कुमार सुमन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी अधिकारी और फील्ड टीमें पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा प्रदेश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जनपदों से स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
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