इटावा में बारिश के बाद बिजली संकट, 260 गांव 16 घंटे से अंधेरे में डूबे
इटावा,(उत्तर प्रदेश)। बारिश ने जहां खेतों को राहत दी, वहीं महेवा और बकेवर क्षेत्र के करीब 260 गांवों के लिए मुसीबत बन गई। लगातार बारिश के बाद सात से अधिक विद्युत फीडरों में फाल्ट आने से करीब 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। पूरी रात गांव अंधेरे में डूबे रहे और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया।
पूरी रात गर्मी से परेशान रहे लोग
बिजली गुल होने से छोटे-छोटे बच्चे पूरी रात गर्मी से बिलखते रहे। लोग हाथ से पंखा झलने या घरों के बाहर टहलकर रात बिताने को मजबूर दिखे। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने हालात और बदतर कर दिए। कई परिवारों ने पूरी रात जागकर गुजारी, जबकि सुबह तक भी बिजली का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहराया
जानकारी के अनुसार महेवा क्षेत्र के इकनौर, अनंतराम, मेहंदीपुर, अहेरीपुर सहित करीब सात विद्युत फीडरों में बारिश के कारण फाल्ट आ गया, जिससे लगभग 200 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। बिजली न होने से सबमर्सिबल और पानी की मोटरें बंद रहीं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया। बिजली संकट का असर बाजार और कारोबार पर भी पड़ा। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों सहित कई प्रतिष्ठानों का कामकाज प्रभावित रहा। लोग बार-बार बिजली विभाग से संपर्क कर आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेते रहे।
करीब 60 गांव बुधवार शाम तक बिजली नही
इधर, बकेवर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े लुधियानी और आरएल ग्रामीण फीडर के करीब 60 गांव भी मंगलवार रात से बुधवार शाम तक अंधेरे में डूबे रहे। उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन में फाल्ट आने से रात 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली पूरी तरह ठप रही। पंखे, कूलर और पानी की मोटरें बंद होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ी।
इनकमिंग मशीन की मरम्मत जारी
अवर अभियंता आशीष श्रीवास्तव ने बताया, कि आरएल फीडर से जुड़े व्यासपुर, कोठी व्यासपुर और शेरपुर सहित करीब 15 गांव व लुधियानी फीडर से जुड़े लगभग 45 गांव प्रभावित रहे। उन्होंने कहा कि इनकमिंग मशीन की मरम्मत युद्धस्तर पर कराई गई है और सभी क्षेत्रों में जल्द विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
यह भी पढ़ेंः फतेहपुर में सोशल मीडिया से ब्लैकमेल का आरोप, 20 हजार की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज