बच्चों को सचेत करते हुए कहा गया कि इंटरनेट या सोशल

राजस्थान- डूंगरपुर के स्काउट शिविर में बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए

डूंगरपुर (राजस्थान)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डूंगरपुर की ओर से मंगलवार को राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष दीपा गुर्जर के निर्देशानुसार और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को मौजूदा दौर की चुनौतियों से निपटने और आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।

साइबर क्राइम से घबराएं नहीं परिवार को सूचित करें

शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान ने बच्चों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती, 'साइबर क्राइम' के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को सचेत करते हुए कहा कि इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की समस्या या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने की कतई आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चे तुरंत अपने शिक्षकों, परिवार के बड़े सदस्यों या सीधे विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करें। इसके साथ ही सचिव चौहान ने बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए 'गुड टच-बैड टच' के बारे में बेहद संवेदनशील और सरल भाषा में जानकारी दी, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ खुद को सुरक्षित रख सकें।

बच्चों ने प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी भी दी गई

इससे पूर्व, लीगल एड डिफेंस काउंसिल हितेष भंडारी ने बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली निशुल्क विधिक सहायता और प्राधिकरण के कार्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस शिविर में बच्चों ने बहुत ही उत्साह के साथ भाग लिया और सुरक्षा व कानून से जुड़े इन महत्वपूर्ण नियमों को समझा।  इस विशेष अवसर पर स्काउट प्रभारी तुलसीराम, सहायक शिविर संचालक कन्हैयालाल, ललित बरंडा, भेरूलाल कटारा, सुशीला डामोर, कमला खांट, कविता, चन्द्रशेखर और आरती चौहान सहित कई गणमान्य लोग एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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