महुआ बीनने के विवाद में हत्या के आरोपी राकेश ध्रुवे को 7 साल की सजा, 5 हजार जुर्माना
बैतूल (मध्य प्रदेश)। जिले से एक हत्या के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया दरसल चिचौली तहसील के ग्राम सिंगरई खापा में महुआ बीनने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
20 फरवरी 2025 का मामला
मामला 20 फरवरी 2025 का है। ग्राम सिंगरई खापा निवासी हुड्डा ध्रुवे का खेत गांव के ही राकेश ध्रुवे के खेत से लगा हुआ था। दोनों के खेतों में महुआ के पेड़ लगे हैं। घटना वाले दिन हुड्डा ध्रुवे अपने खेत से महुआ बीन रहा था, तभी आरोपी राकेश ध्रुवे भी वहां पहुंच गया और महुआ बीनने की बात को लेकर दोनों में विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि राकेश ने हुड्डा के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और लाठी से भी पीटा।
मारपीट में हुड्डा ध्रुवे गंभीर रूप से घायल
मारपीट में हुड्डा ध्रुवे गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट पर चिचौली थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी राकेश ध्रुवे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, तब से आरोपी जेल में ही बंद है।इस पूरे मामले की पैरवी शासन की ओर से की गई। अभियोजन पक्ष द्वारा सभी गवाहों को समय पर न्यायालय में उपस्थित कराया गया। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा
न्यायालय ने आरोपी राकेश ध्रुवे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के खंड 2 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन अधिकारी ने बताया कि गवाहों को शीघ्र बुलाने और साक्ष्यों को समय पर प्रस्तुत करने की वजह से इस जघन्य हत्याकांड के प्रकरण का निराकरण अतिशीघ्र हो सका है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
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