राम मंदिर के कथित चोरी मामले में SIT को 15 दिन का

राम मंदिर के कथित चोरी मामले में SIT को दिया गया 15 दिन का विस्तार

Ram Mandir

अयोध्या: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित चोरी का मामला इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर किसी की नजरें इस मामले पर टिकी हुई हैं। कई बड़े लोग इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान के खिलाफ ऐसा अपराध करने वालों के सजा दी जाए। 

महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने की फांसी की मांग

महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने पुष्टि करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को पहले ही जेल भेज दिया गया है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है। गबन की गई धन राशि की वसूली के लिए सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार के चोरी करने वालों को फांसी देनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया जब मंदिर में हुईं वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच के लिए एसआईटी मंदिर परिसर पहुंची। 

एसआईटी को दिया गया 15 दिन का विस्तार

बता दें, राज्य सरकार ने हाल ही में एसआईटी को 15 दिन का विस्तार दिया है, जिससे पूरे नेटवर्क की व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। ऐसे में इस पूरी जांच के बाद संरचनात्मक बारीकियां भी सामने आने लगी हैं। वहीं, आरोपी रामाशंकर मिश्रा की भाभी साधना मिश्रा ने उनकी बेगुनाही का समर्थन करते हुए कहा कि हमारी मांग है "दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और निर्दोषों को रिहा किया जाना चाहिए। यही हमारी मांग है।"

शिवसेना नेता शायना एनसी ने जनता से कहा

इनके अलावा शिवसेना नेता शायना एनसी ने विपक्ष के हमलों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर आस्था का एक पवित्र प्रतीक है, न कि कोई व्यावसायिक संस्था। उन्होंने एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि "लोगों ने जो दान दिया है, वह सार्वजनिक जानकारी में है। किसी भी ट्रस्ट का ऑडिट होता है तो वह सार्वजनिक जानकारी में होता है। जब चोरी होती है, तो चोरी पर टिप्पणी करें, राम मंदिर पर नहीं।"

विपक्षी नेता माता प्रसाद पांडे ने तर्क देते हुए कहा

वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने इस पूरे घटनाक्रम को आश्चर्यजनक बताया और राज्य के सुरक्षा दावों पर सीधा हमला किया। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि सरकार द्वारा चोरों, डाकुओं और माफियाओं को खत्म करने के लिए बार-बार किए गए दावों के बावजूद वह देश के सबसे चर्चित मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा करने में विफल रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप सिंह राठौर ने जताई असंतुष्टि

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने सर्वोच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में एक स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के नेतृत्व में निष्पक्ष जांच असंभव है, क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा संचालित है। एसआईटी वर्तमान में बैंक लेनदेन, स्थानीय सुरक्षा फुटेज और मंदिर के आंतरिक दान रजिस्टरों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धन का गबन कैसे हुआ।

इसी बीच अयोध्या पुलिस की एक टीम ने स्थानीय अदालत से 24 घंटे की हिरासत में रिमांड प्राप्त करने के बाद मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को अयोध्या जिला जेल से रिहा कर दिया. इसके बाद व्यापक तलाशी अभियान के बाद पुलिस टीम शुक्ला को वापस जिला जेल परिसर ले आई। विशेष जांच दल SIT और स्थानीय पुलिस ने चोरी की सुनियोजित कार्यप्रणाली का पता लगाने और गबन की गई धनराशि की बरामदगी के लिए शुक्ला की हिरासत मांगी थी। 

(एएनआई)

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