राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामलाः परिवार ने कहा, प्रभावशाली लोग शामिल हैं, छोटों को फंसाया जा रहा
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) । राम मंदिर दान चोरी मामले के आरोपी रामशंकर मिश्रा की भाभी साधना मिश्रा ने आरोप लगाया है कि "बड़े लोग" इस मामले में निचले स्तर के कर्मचारियों को फंसा रहे हैं और उन्होंने असली दोषियों की पहचान के लिए निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच की मांग की है। साधना मिश्रा ने कहा कि रामशंकर पिछले छह वर्षों से मंदिर में दान गिनने का काम कर रहे थे और उनकी मासिक तनख्वाह लगभग 16,000 से 17,000 रुपये थी। स्थानीय निवासियों के बीच हुई चर्चाओं के बाद परिवार को पुलिस केस के बारे में लगभग एक महीने पहले ही पता चला। उन्होंने आरोप लगाया कि "चोरी हुई है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसमें प्रभावशाली लोग शामिल हैं और छोटे कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है।" साधना ने यह भी बताया कि परिवार का रामशंकर से ढाई साल से अधिक समय से कोई संपर्क नहीं था। वह अयोध्या में किराए के मकान में अलग रह रहे थे। उन्होंने त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि केवल न्यायोचित जांच से ही सच्चाई का पता चल सकता है और असली दोषियों की पहचान हो सकती है। परिवार चाहता है कि न्याय जल्द से जल्द मिले।