राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ी
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि की कथित चोरी और गबन के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। मामले में पुलिस ने 25 जून को FIR दर्ज की थी, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
25 जून को दर्ज हुई थी FIR
पुलिस ने राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में राम मंदिर में दान की गई धनराशि के कथित गबन को लेकर FIR दर्ज की थी। यह FIR 25 जून को दर्ज हुई थी। शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन लोगों ने भक्तों द्वारा दान की गई राशि की चोरी, गबन और सुनियोजित तरीके से गलत इस्तेमाल किया।
CEO चयन प्रक्रिया पर ट्रस्ट ने दी सफाई
इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की चयन प्रक्रिया को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्टों में सामने आई जानकारी पर सफाई दी थी। ट्रस्ट ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने CEO पद के लिए इंटरव्यू में हिस्सा नहीं लिया था।
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि की ओर से सोमवार को जारी बयान में बताया गया कि CEO चयन प्रक्रिया के लिए चयन समिति का गठन 6 जुलाई 2026 को किया गया था। समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले थे।
16 उम्मीदवारों का हुआ इंटरव्यू
ट्रस्ट के अनुसार, चयन समिति ने दिल्ली-NCR, पुणे और संबलपुर में AI आधारित स्क्रीनिंग और मैनुअल मूल्यांकन सहित कई स्तरों पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया। इसके बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चुना गया। इन उम्मीदवारों ने 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू दिया। ट्रस्ट ने कहा कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 11 अगस्त को पहले सत्र में इंटरव्यू प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।
1 सितंबर को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट
चयन समिति ने 1 सितंबर को ट्रस्ट को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपीं। इसके बाद ट्रस्ट ने 2 सितंबर को शीर्ष तीन अनुशंसित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए।
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